रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
MP Politics : मध्यप्रदेश में सियासत एक बार फिर पदयात्रा के जरिए गरमा गई है… बीजेपी ने प्रदेश में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ पदयात्रा शुरू की है… इस पदयात्रा के जरिए बीजेपी कांग्रेस पर निशाना साध रही है… बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष लोकतांत्रिक मर्यादाओं और राजनीतिक जिम्मेदारी के बजाय टकराव की राजनीति कर रहा है…
MP Politics : संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा कायम रखने का संदेश
वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के राजनीतिक रवैये और विपक्ष की भूमिका को लेकर बहस छेड़ दी है… लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की अपनी जिम्मेदारी है… सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, तो उन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी… ऐसे में मध्यप्रदेश की यह पदयात्रा केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनाव प्रक्रिया और विपक्ष की भूमिका पर एक नई बहस का आधार बन गई है। सवाल ये है कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई के नाम पर सियासी दलों के बीच यह संघर्ष किस दिशा में जा रहा है ?।
MP Politics : MP में बीजेपी का पदयात्रा पर कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
मध्यप्रदेश में बीजेपी ने लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था के मुद्दे पर सड़क पर उतरकर अपनी बात रखने का फैसला किया है। जिसको लेकर प्रदेश में बीजेपी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राएं निकाल रही है। इसकी शुरुआत इंदौर से हुई, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित बीजेपी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। बीजेपी का मकसद एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब जनता तक पहुंचाना है। वहीं इस अभियान के राजनीतिक संदेश और इसके जरिए कांग्रेस को घेरने की रणनीति पर भी चर्चा तेज है।
MP Politics : लोकतांत्रिक मर्यादाओं, राजनीतिक जिम्मेदारी पर टकराव
अभियान के दौरान मंच से सीएम डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भारत के संविधान, विधि के शासन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। जनादेश का अपमान करने और देश में अराजकता फैलाने वाली हर साजिश का डटकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हार के बाद अराजकता फैलाना और संवैधानिक संस्थाओं पर दोषारोपण करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसीलिए आज राहुल गांधी और कांग्रेस को देश की जनता ने नकार दिया है और आगे भी जनता ही इनका हिसाब करेगी।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में जुटे युवाओं ने लोकतंत्र, विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का समर्थन किया है। उन्होंने दावा किया कि यह रैली देश में अराजकता का नैरेटिव बनाने वालों के लिए करारा जवाब है।भाजपा के प्रदेश प्रभारी विप्लब देव ने घुसपैठियों और अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक रगों में भारत का खून है, देश में उन्हें एक इंच जगह नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश का हर युवा, जिसकी रगों में भारत का खून दौड़ रहा है और जिसने इस मिट्टी का अन्न खाया है, वह देशविरोधी ताकतों के खिलाफ खड़ा है।बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की मंशा के अनुसार भारत को बांग्लादेश या नेपाल नहीं बनने देंगे।
तो वहीं भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं का कहना है भाजपा का यह अभियान केवल अपनी कमियों को छिपाने के लिए है।उन्होंने कहा कि SIR या चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की जायज आवाज़ को दबाने का ये एक राजनीतिक नाटक है।
पदयात्रा के जरिए बीजेपी लोकतंत्र, मतदाता सूची की शुद्धता और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसे का संदेश दे रही है। दूसरी ओर, एसआईआर को लेकर विपक्ष के सवाल और चुनाव प्रक्रिया पर जारी राजनीतिक बहस इस अभियान को सियासी रूप से भी महत्वपूर्ण बना रही है। ऐसे में सवाल है कि बीजेपी का यह जनसंपर्क अभियान प्रदेश की राजनीति में आगे क्या संदेश देगा ?


