Russia Ukraine War : कीव, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे हैं। दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों की राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बातचीत को युद्ध खत्म कराने की अमेरिकी कोशिशों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
इस बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पश्चिमी देशों को कड़ी चेतावनी दी है। जर्मनी में एक कथित एयरपोर्ट हमले को लेकर रूस पर लगाए जा रहे आरोपों के संदर्भ में लावरोव ने कहा कि ऐसी कार्रवाई और बयानबाजी हालात को गंभीर रूप से बिगाड़ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम के साथ टकराव बढ़ा तो यह एक वास्तविक युद्ध की शुरुआत तक पहुंच सकता है।
Russia Ukraine War : पुतिन से मुलाकात के बाद कीव पहुंचे अमेरिकी दूत
ट्रंप के दूतों ने शनिवार को मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक की थी। इसके बाद उनका कीव पहुंचना अमेरिका की मध्यस्थता प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी कहा है कि बातचीत शुरू हो चुकी है।

हालांकि, रूस और यूक्रेन के बीच किसी ठोस समझौते को लेकर अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। युद्ध समाप्त करने की शर्तों और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दे बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
Russia Ukraine War : क्रेमलिन ने बताया- अमेरिका के साथ बातचीत में भरोसे का माहौल
रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने अमेरिका और रूस के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। पेस्कोव के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक ऐसा माहौल बन रहा है, जिसमें भरोसे के साथ संवाद आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पुतिन और ट्रंप के प्रतिनिधियों के बीच बैठक होना अपने आप में दोनों पक्षों के बीच संवाद के महत्व को दर्शाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसी बैठकों में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के महत्वपूर्ण संदेश भी साझा किए जाते हैं।
Russia Ukraine War : पोलैंड के एयरस्पेस में संदिग्ध वस्तु से हड़कंप
यूक्रेन युद्ध के बीच पोलैंड में भी कुछ समय के लिए सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई। पोलिश सेना ने बताया कि बेलारूस की दिशा से एक अज्ञात वस्तु उसके हवाई क्षेत्र के करीब पहुंची थी। इसके बाद उसकी जांच के लिए सैन्य हेलीकॉप्टर भेजा गया।
हालांकि बाद में पोलैंड की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई। जांच में सामने आया कि संदिग्ध गतिविधि पक्षियों के झुंड के कारण हुई थी और देश की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था।
पोलिश सेना ने यह भी कहा कि उस दौरान यूक्रेन में रूसी हमलों से जुड़ी रूसी लंबी दूरी की विमान गतिविधि दर्ज नहीं की गई थी।
Russia Ukraine War : युद्ध के बीच शांति प्रयासों पर टिकी निगाहें
रूस की ओर से पश्चिम को दी गई चेतावनी और दूसरी ओर अमेरिकी दूतों का कीव दौरा ऐसे समय में हुआ है जब युद्ध को खत्म कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच जारी बातचीत क्या किसी ठोस शांति प्रस्ताव की दिशा में आगे बढ़ती है या नहीं।
संपादकीय नजरिया
रूस-यूक्रेन युद्ध ने एक बार फिर साबित किया है कि लंबा युद्ध किसी का वास्तविक समाधान नहीं होता। चार साल से अधिक समय से जारी संघर्ष में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और पूरी दुनिया इसकी आर्थिक व सामरिक कीमत चुका रही है। आज अमेरिकी दूतों की मॉस्को और कीव यात्राएं उम्मीद जगाती हैं, लेकिन केवल बातचीत शुरू होना पर्याप्त नहीं है। असली चुनौती ऐसी शांति व्यवस्था तैयार करने की है, जिसमें यूक्रेन की संप्रभुता, सुरक्षा और रूस की सुरक्षा चिंताओं के बीच स्वीकार्य संतुलन बनाया जा सके। ताजा वार्ताओं में तत्काल कोई बड़ी सफलता नहीं मिली, जबकि जमीनी लड़ाई और हमले जारी हैं।
ऐसे में सभी पक्षों को चेतावनियों और शक्ति प्रदर्शन से आगे बढ़ना होगा। युद्धविराम, नागरिकों की सुरक्षा और भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी को प्राथमिकता देकर ही स्थायी समाधान की दिशा खुल सकती है। बंदूकें जितनी जल्दी खामोश होंगी, मानवता की जीत उतनी ही बड़ी होगी।


