रिपोर्ट: उमंग पाण्डेय
Honey Trap Case उत्तर प्रदेश के बस्ती में तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग से जुड़े कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक महिला और उसके साथी लोगों को अपने जाल में फंसाकर अश्लील वीडियो बनाने और फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे। इसी मामले में सूर्य प्रकाश सिंह पर कथित तौर पर भारी रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
शारीरिक संबंध के बाद वीडियो बनाने का आरोप
Honey Trap Case पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने सूर्य प्रकाश सिंह को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया और उनके साथ संबंध बनाने के बाद वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया गया। 29 अगस्त को वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में महिला और उसके साथी विजय प्रकाश के साथ सूर्य प्रकाश सिंह के संपर्क में होने की जानकारी सामने आने का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर करीब 1:41 बजे आखिरी कॉल हुई थी।
चार लोगों से लाखों की वसूली का पुलिस का दावा
Honey Trap Case जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों पर हनी ट्रैप के जरिए कई लोगों को ब्लैकमेल कर रकम वसूलने का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर उमेश से करीब 4 लाख रुपये, अहमद रजा से करीब 5 लाख रुपये और आर्यन दीक्षित से करीब 15 लाख रुपये की कथित वसूली की गई।
Honey Trap Case पुलिस का कहना है कि महिला लोगों से संपर्क कर उन्हें कथित तौर पर अपने जाल में फंसाती थी। इसके बाद अश्लील वीडियो बनाए जाते और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में बोलेरो गाड़ी का भी इस्तेमाल किया जाता था।
महिला समेत 3 गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
Honey Trap Case पुलिस ने इस मामले में प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों पर सूर्य प्रकाश सिंह को ब्लैकमेल और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में अभी कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।


