by: vijay yadav
Delhi Building Collapse : नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक तीन से चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। बताया जा रहा है कि इस भवन में हॉस्टल संचालित हो रहा था, जिसके चलते मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस, प्रशासन और अन्य राहत दल भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। संकरी गलियों के कारण मलबा हटाने में रेस्क्यू टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Delhi Building Collapse : दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इमारत के गिरने की घटना दोपहर करीब 1:30 बजे हुई। अचानक पूरी इमारत ढहने से आसपास के इलाके में धूल का गुबार फैल गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य में मदद करने लगे।

सुरक्षा को देखते हुए आसपास की कुछ इमारतों को भी खाली कराया गया है। घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
Delhi Building Collapse : हॉस्टल में रहते थे छात्र
बताया जा रहा है कि हादसे वाली इमारत में हॉस्टल चल रहा था। यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। यही वजह है कि मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसे के समय इमारत के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे।
रेस्क्यू टीम ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाल लिया है। उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
Delhi Building Collapse : 12 से अधिक दमकल वाहन मौके पर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी भी लगाई गई है। इलाके की गलियां संकरी होने के कारण भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आसपास की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई। बताया जा रहा है कि इमारत गिरने के कारण कुछ बिजली के खंभे भी प्रभावित हुए हैं। किसी अन्य दुर्घटना की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
Delhi Building Collapse : स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह इमारत पुरानी थी और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में पीजी और हॉस्टल संचालित होते हैं। घटनास्थल के आसपास कई इमारतें एक-दूसरे के काफी नजदीक बनी हुई हैं। ऐसे में भवन की सुरक्षा और निर्माण व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि भवन की समय रहते जांच की जाती तो शायद इस तरह की घटना को टाला जा सकता था। हालांकि इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल सकेगा।
Delhi Building Collapse : कुछ लोग सुरक्षित बाहर निकाले गए
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार राहत दल अब तक करीब सात से आठ लोगों को मलबे से बाहर निकाल चुका है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। घटनास्थल पर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है ताकि मलबे से निकलने वाले लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
स्थानीय विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है और उनकी संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
Delhi Building Collapse : रेहड़ी वाले भी मलबे में दबे होने की आशंका
घटनास्थल के आसपास रेहड़ी लगाने वाले कुछ लोगों के भी मलबे में फंसे होने की सूचना सामने आई है। बचाव दल मलबे के अलग-अलग हिस्सों को सावधानी से हटाकर लोगों की तलाश कर रहा है।
फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। इमारत गिरने के कारणों और भवन की सुरक्षा व्यवस्था की जांच बाद में की जाएगी।
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