by:vijay yadav
US STRIKES : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर स्थिति में पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान की ओर से अमेरिकी युद्धपोतों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई में तीन ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान के हमले में अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन दोनों जहाज सुरक्षित रहे और किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
US STRIKES : अमेरिकी युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोत क्षेत्रीय जल क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें ईरान की तरफ से कई बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना करना पड़ा। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि मिसाइल हमले सफल नहीं हुए और दोनों युद्धपोतों ने हमलों से बचने में कामयाबी हासिल की।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद ईरान को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उसके तेल बेड़े को निशाना बनाया गया।
US STRIKES : तीन ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई
CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी जवाबी कार्रवाई में ईरान के तीन क्रूड ऑयल कैरियरों को निशाना बनाया गया। इनमें से दो टैंकर खार्ग द्वीप के पास और जास्क के नजदीक मौजूद थे। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि इन दोनों जहाजों को इस तरह क्षतिग्रस्त किया गया कि वे दोबारा संचालन की स्थिति में नहीं रह गए।
इसके अलावा ओमान की खाड़ी में मौजूद खाली तेल टैंकर M/T Kylo को भी अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया। अमेरिकी दावे के मुताबिक, जहाज पर लगातार हमला किया गया और बाद में उसके चालक दल को जहाज छोड़ने के निर्देश दिए गए।
US STRIKES : अमेरिका ने ईरान को दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कार्रवाई के बाद ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमला करेगा तो अमेरिका उसका जवाब और ज्यादा आर्थिक नुकसान पहुंचाकर देगा।
अमेरिकी कमांडर ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर ईरान के सीमित और संवेदनशील तेल बेड़े को आगे भी निशाना बनाया जा सकता है। उनका कहना था कि अमेरिकी सेना अपने जवानों और सैन्य संसाधनों की रक्षा के लिए कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
US STRIKES : बढ़ सकता है अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाए जाने और उसके बाद ईरानी तेल टैंकरों पर हुई कार्रवाई से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। खासतौर पर तेल परिवहन से जुड़े जहाजों पर अमेरिकी कार्रवाई का असर क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, घटनाक्रम को लेकर सामने आए दावे मुख्य रूप से अमेरिकी सैन्य पक्ष की ओर से जारी जानकारी पर आधारित हैं। ईरान की ओर से इस कार्रवाई और अमेरिकी दावों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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