,

CM Mohan Yadav Education Dialogue : सीएम मोहन यादव ने युवा शिक्षा अधिकारियों से किया संवाद, बोले- कोई भी बच्चा शिक्षा में पीछे न रहे

CM Mohan Yadav Education Dialogue in Indore

CM Mohan Yadav Education Dialogue : भोपाल/इंदौर। शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में प्रदेश के युवा शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया। सांदीपनि शासकीय अहिल्या आश्रम कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में आयोजित ‘एजुकेशन डायलॉग’ में प्रदेशभर से 200 से अधिक डीईओ, डीपीसी, बीईओ और शिक्षक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए युवा अधिकारियों की ऊर्जा, तकनीकी समझ और नई सोच का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

Contents
CM Mohan Yadav Education Dialogue में अधिकारियों ने साझा किए अनुभवCM Mohan Yadav Education Dialogue : युवा सोच और तकनीकी क्षमता का शिक्षा में करें इस्तेमालCM Mohan Yadav Education Dialogue : हर जिले में 90 फीसदी से ज्यादा रिजल्ट का लक्ष्यCM Mohan Yadav Education Dialogue : ‘कोई भी बच्चा पीछे न रहे’ हो शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिकताCM Mohan Yadav Education Dialogue : बिना पक्के भवन वाले स्कूलों को मिलेगी बेहतर सुविधाCM Mohan Yadav Education Dialogue : शिक्षकों को बच्चों के साथ अपनापन रखने की सलाहCM Mohan Yadav Education Dialogue : विद्यार्थियों को करियर विकल्पों की जानकारी दें शिक्षकCM Mohan Yadav Education Dialogue : शिक्षा विभाग में युवा अधिकारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारीCM Mohan Yadav Education Dialogue : सफल नवाचारों को दूसरे क्षेत्रों में लागू करने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहन यादव ने पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया और शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में युवा प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षकों को मैदानी स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इन युवाओं से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव और नए प्रयोगों को गति मिलने की उम्मीद है।

CM Mohan Yadav Education Dialogue

CM Mohan Yadav Education Dialogue में अधिकारियों ने साझा किए अनुभव

‘एजुकेशन डायलॉग’ को सामान्य सरकारी बैठकों से अलग संवाद का मंच बनाया गया। मुख्यमंत्री ने युवा अधिकारियों से उनके जिलों में काम के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों, उपलब्धियों और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि अलग-अलग स्कूलों में इंटरैक्टिव पैनल, विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने वाले एप, सीसीटीवी आधारित निगरानी व्यवस्था और सीएसआर की मदद से कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इन प्रयासों को समझते हुए अधिकारियों से अपने अनुभवों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था में और सुधार के सुझाव भी लिए।

CM Mohan Yadav Education Dialogue : युवा सोच और तकनीकी क्षमता का शिक्षा में करें इस्तेमाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवा शिक्षा अधिकारियों के पास तकनीक की समझ होने के साथ नई परिस्थितियों के अनुसार सीखने की क्षमता भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र की पुरानी चुनौतियों का समाधान नए नजरिए और आधुनिक तकनीक के जरिए तलाशना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ शासन के निर्देशों को लागू करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने क्षेत्र की जरूरतों को समझकर स्थानीय स्तर पर प्रभावी समाधान तैयार करें। मुख्यमंत्री ने युवा अधिकारियों की नवाचार क्षमता को स्कूलों में वास्तविक बदलाव का माध्यम बनाने पर जोर दिया।

CM Mohan Yadav Education Dialogue : हर जिले में 90 फीसदी से ज्यादा रिजल्ट का लक्ष्य

CM Mohan Yadav Education Dialogue के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा शिक्षा अधिकारियों से परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक जिले में 90 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम हासिल करने की दिशा में काम करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कराना नहीं होना चाहिए। बच्चों में विषय को समझने, सवाल पूछने, समस्याओं का समाधान करने और सीखी गई चीजों को व्यवहारिक जीवन में इस्तेमाल करने की क्षमता भी विकसित की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, सीखने के स्तर, विद्यालयों की गुणवत्ता और कमजोर बच्चों की पढ़ाई पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही तय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक रणनीति में बदलाव करने की बात कही।

CM Mohan Yadav Education Dialogue : ‘कोई भी बच्चा पीछे न रहे’ हो शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य यह होना चाहिए कि किसी भी जिले में कोई बच्चा पढ़ाई में पीछे न रह जाए। इसके लिए कमजोर विद्यार्थियों की समय रहते पहचान कर उन्हें अतिरिक्त सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।

उन्होंने शिक्षा अधिकारियों से व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ अपने जिले के शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए काम करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अधिकारी को अपने लक्ष्य की नियमित समीक्षा करते हुए उसके परिणामों पर भी नजर रखनी चाहिए।

READ ONLY: मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और सरकार की नई योजनाओं से जुड़ी अन्य खबरें यहां पढ़ें।

CM Mohan Yadav Education Dialogue : बिना पक्के भवन वाले स्कूलों को मिलेगी बेहतर सुविधा

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है। जिन विद्यालयों में अभी पक्के भवन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां भवन उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने स्कूलों को परिवहन सुविधा से जोड़ने के लिए बसों की व्यवस्था की दिशा में भी काम किए जाने की जानकारी दी। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

CM Mohan Yadav Education Dialogue : शिक्षकों को बच्चों के साथ अपनापन रखने की सलाह

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ परिवार के सदस्य की तरह आत्मीय व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी उनकी अहम भूमिका है।

उन्होंने कहा कि कई बार पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं। ऐसे बच्चों को पढ़ाई से पूरी तरह दूर होने से बचाने के लिए ओपन स्कूल समेत शिक्षा जारी रखने के दूसरे विकल्पों की जानकारी दी जानी चाहिए।

CM Mohan Yadav Education Dialogue : विद्यार्थियों को करियर विकल्पों की जानकारी दें शिक्षक

डॉ. यादव ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की करियर काउंसलिंग पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग करियर विकल्पों की जानकारी मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छात्राओं को मेडिकल समेत विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद अवसरों के बारे में जागरूक करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सही समय पर मिलने वाला मार्गदर्शन विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर दिशा दे सकता है।

CM Mohan Yadav Education Dialogue : शिक्षा विभाग में युवा अधिकारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

प्रदेश में शिक्षा विभाग के मैदानी नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवा अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। करीब 40 नए जिला शिक्षा अधिकारी, 23 जिला परियोजना समन्वयक और लगभग 60 विकासखंड शिक्षा अधिकारी पदस्थ किए गए हैं। इन अधिकारियों की औसत आयु करीब 28 वर्ष बताई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवा अधिकारियों से केवल प्रशासनिक कामकाज संभालने की अपेक्षा नहीं है। उन्हें शिक्षा व्यवस्था में नई सोच, ऊर्जा और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी काम करना होगा।

CM Mohan Yadav Education Dialogue : सफल नवाचारों को दूसरे क्षेत्रों में लागू करने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सफल प्रयोगों को साझा करें, ताकि दूसरे जिले और स्कूल भी उनसे लाभ उठा सकें। इसके लिए सोशल मीडिया समेत दूसरे माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।

उन्होंने कहा कि युवा अधिकारी योजनाओं की निगरानी करने के साथ-साथ मैदानी अनुभवों से नए समाधान विकसित करें। जो नवाचार प्रभावी साबित हों, उन्हें व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में भी प्रयास किए जाने चाहिए। इससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में परिणाम आधारित नेतृत्व को मजबूती मिल सकती है।

Gold Silver Price: सोने- चांदी के रेट में गिरावट, जानें आज का भाव

Gold Silver Price: देश के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में

Ambikapur Ragging Case: प्रयास आवासीय विद्यालय में रैगिंग का आरोप, 11वीं के दो छात्रों का सिर फोड़ा

Ambikapur Ragging Case: अंबिकापुर के गांधी नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रयास आवासीय

Mahasamund Road Condition: बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, NH-53 पर घंटों चक्काजाम

Mahasamund Road Condition: महासमुंद जिले में Mahasamund Road Condition को लेकर ग्रामीणों

Kannauj Accident: कन्नौज हादसे पर मुख्यमंत्री योगी गंभीर, घायलों के बेहतर इलाज के दिए निर्देश

रिपोर्ट- वंदना रावत Kannauj Accident उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

Krishna Janmashtami Ujjain : भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से साहस, कर्तव्य और मित्रता की सीख: CM डॉ. मोहन यादव

रिपोर्ट — विशाल दुबे Krishna Janmashtami Ujjain : उज्जैन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

Vaibhav Suryavanshi के पास इतिहास रचने का मौका, टूट सकता है सबसे युवा T20I शतक का रिकॉर्ड

Vaibhav Suryavanshi: महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट में अपनी