Aaj ka Panchang: हर दिन के पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय की जानकारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। 6 सितंबर 2026, रविवार का दिन भी धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी और आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव देखने को मिलेगा। साथ ही सिद्धि योग का संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल माना जाता है।
6 September 2026 Panchang के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु, सूर्य देव और अपने इष्ट देव की आराधना करना शुभ माना जाता है। दान-पुण्य, मंत्र जाप और धार्मिक कार्य करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है। आइए जानते हैं 6 सितंबर का पूरा पंचांग, धार्मिक महत्व, शुभ-अशुभ समय और पूजा की सरल विधि।
6 September 2026 Panchang: 6 सितंबर को क्या है खास?
6 September 2026 Panchang के अनुसार रविवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी, जो शाम 7:30 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन शाम 7:53 बजे तक आर्द्रा नक्षत्र रहेगा और उसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा।
दिन में सिद्धि योग का भी प्रभाव रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सिद्धि योग को ऐसे कार्यों के लिए शुभ माना जाता है, जिनमें सफलता, सकारात्मक परिणाम और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाती है। श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ और शुभ संकल्प करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है।
6 September 2026 Panchang: पंचांग की पूरी जानकारी
6 September 2026 Panchang के अनुसार इस दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और अन्य पंचांग विवरण इस प्रकार हैं।
- तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी, शाम 7:30 बजे तक
- वार: रविवार
- नक्षत्र: आर्द्रा, शाम 7:53 बजे तक
- योग: सिद्धि, सुबह 9:45 बजे तक
- करण: वणिज, सुबह 8:41 बजे तक
- मास (अमांत): श्रावण
- मास (पूर्णिमांत): भाद्रपद
- विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थ
- शक संवत: 1948, प्रभाउ
- सूर्य राशि: सिंह
- चंद्र राशि: मिथुन
- ऋतु: वर्षा
- अयन: दक्षिणायन
- दिशाशूल: पश्चिम
- चंद्र निवास: पश्चिम
6 September 2026 Panchang: धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है दिन?
6 September 2026 Panchang के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को धार्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, सूर्य देव और अपने इष्ट देव की आराधना करने की परंपरा बताई गई है।
सिद्धि योग को कार्यों में सफलता और आध्यात्मिक प्रगति से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा के साथ मंत्र जाप, ध्यान, पूजा और दान-पुण्य करने से मन को शांति मिल सकती है। जरूरतमंदों की सहायता करना और सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र आदि का दान करना भी शुभ माना जाता है।
6 September 2026 Panchang: शुभ मुहूर्त और राहुकाल
6 September 2026 Panchang में दिन के शुभ और अशुभ समय का भी विशेष महत्व है। 6 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:32 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
वहीं राहुकाल शाम 4:39 बजे से 6:13 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। इसके अलावा गुलिक काल दोपहर 3:05 बजे से 4:39 बजे तक और यमघण्ट काल सुबह 11:57 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा।
6 September 2026 Panchang: सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
6 September 2026 Panchang के अनुसार 6 सितंबर को सूर्योदय सुबह 5:41 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:13 बजे होगा। चंद्रमा का उदय रात 12:14 बजे और चंद्रास्त दोपहर 2:42 बजे होगा।
चंद्रमा इस दिन मिथुन राशि में स्थित रहेंगे। पंचांग में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को दिन की धार्मिक गतिविधियों और ज्योतिषीय गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
6 September 2026 Panchang: इस तरह करें पूजा और धार्मिक कार्य
6 September 2026 Panchang के अनुसार धार्मिक कार्यों की शुरुआत सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने से कर सकते हैं। इसके बाद भगवान विष्णु और सूर्य देव का ध्यान कर विधि-विधान से पूजा करें।
घर के पूजा स्थल पर दीपक जलाकर मंत्रों का जाप करें और अपने इष्ट देव से परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अन्य उपयोगी सामग्री का दान किया जा सकता है।
दिनभर सकारात्मक विचार रखने और क्रोध से बचने का प्रयास करें। शाम के समय भगवान की आरती कर परिवार की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना करना भी शुभ माना जाता है।
6 September 2026 Panchang: निष्कर्ष
6 September 2026 Panchang के अनुसार रविवार को कृष्ण पक्ष दशमी, आर्द्रा नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना गया है।
शुभ कार्यों के लिए दिन के निर्धारित शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना और राहुकाल जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और सकारात्मक भावना के साथ किए गए धार्मिक कार्य मन को शांति और सकारात्मकता प्रदान कर सकते हैं।


