रिपोर्टर वंदना रावत
Yogi Adityanath उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों और गंभीर मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एंड इमरजेंसी नेटवर्क (UPTEN) विकसित किया जा रहा है। इसके तहत एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और कमांड सेंटर को एक ही आपातकालीन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस व्यवस्था के जरिए हर साल 10 से 12 हजार लोगों की जान बचाना है।
173 ट्रॉमा और इमरजेंसी यूनिट नेटवर्क से जुड़ेंगी
Yogi Adityanath यूपीटीईएन के तहत प्रदेश में ट्रॉमा, बर्न, कार्डियक, स्ट्रोक और दूसरी गंभीर आपातकालीन सेवाओं को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 173 एकीकृत ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मेडिसिन यूनिट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 11 लेवल-1 एपेक्स हब, 36 लेवल-2 रीजनल सेंटर और 126 लेवल-3 जिला स्तर की इकाइयां शामिल होंगी।
Yogi Adityanath इस नेटवर्क का उद्देश्य मरीज को उसकी जरूरत के अनुसार कम से कम समय में नजदीकी और सक्षम अस्पताल तक पहुंचाना है। योजना में अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज शुरू होने का इंतजार करने के बजाय इमरजेंसी की सूचना मिलते ही उपचार की प्रक्रिया शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है।
1200 ALS एंबुलेंस और 18 कमांड सेंटर होंगे अहम कड़ी
Yogi Adityanath अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के मुताबिक, यूपीटीईएन के जरिए हर साल 10 से 12 हजार लोगों की जान बचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 1,200 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इन एंबुलेंस को केवल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के साधन के बजाय चलते-फिरते आपात उपचार केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम होगा।

Yogi Adityanath इसके अलावा प्रदेश के 18 मंडलीय कमांड सेंटर भी नेटवर्क का अहम हिस्सा होंगे। इनके जरिए इमरजेंसी कॉल, एंबुलेंस, अस्पतालों में उपलब्ध बेड और विशेषज्ञ डॉक्टरों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
सरकार आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को 30 से 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। रियल टाइम नेटवर्किंग, डिजिटल अलर्ट सिस्टम और एआई आधारित ट्रायेज जैसी तकनीकों के जरिए तय किया जाएगा कि किस मरीज को किस अस्पताल और किस विशेषज्ञ विभाग में भेजना है।
48 घंटे तक मुफ्त इमरजेंसी इलाज का प्रस्ताव
Yogi Adityanath योजना के तहत सभी नागरिकों को 48 घंटे तक मुफ्त आपातकालीन उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य हादसे या गंभीर बीमारी की स्थिति में पैसे की कमी के कारण इलाज में होने वाली देरी को रोकना है।
इसके साथ ही तीन स्तरों पर फर्स्ट रिस्पॉन्डर नेटवर्क तैयार करने की योजना है। इसमें पुलिस, एंबुलेंस चालक, फायर सर्विस और हाईवे पेट्रोल जैसे तत्काल मदद पहुंचाने वाले लोग शामिल होंगे। दूसरे स्तर पर पुलिस, होमगार्ड और अन्य संस्थागत रिस्पॉन्डर होंगे, जबकि तीसरे स्तर पर आम नागरिकों को बेसिक इमरजेंसी रिस्पांस का प्रशिक्षण देने पर जोर होगा।
यूपीटीईएन के लिए अलग बजट, मानव संसाधन नीति और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी योजना है। इसके तहत इमरजेंसी मेडिसिन ऑफिसर (EMO) कैडर, एम्स के अनुरूप वेतनमान और विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं।


