संवाददाता: प्रताप सिंह बघेल
Latest Morena News : मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में भुजरिया मेले के दौरान आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। वीडियो में कुछ युवक कथित तौर पर लाइसेंसी रायफलों से मटकी पर निशाना लगाते और फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। मामला जौरा थाना क्षेत्र के परसौटा गांव का बताया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, परसौटा गांव में रक्षा बंधन के दूसरे दिन पड़वा के अवसर पर नदी किनारे भुजरिया मेले का आयोजन किया जाता है। इसी दौरान वर्षों पुरानी परंपरा के तहत मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित होती है। इस बार प्रतियोगिता में बंदूकों से निशाना लगाने का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

Latest Morena News : लाइसेंसी रायफलों से मटकी पर साधा निशाना
बताया जा रहा है कि प्रतियोगिता में गांव के आधा दर्जन से अधिक युवकों ने लाइसेंसी रायफलों से मटकी पर निशाना साधा। प्रतियोगिता की परंपरा के मुताबिक, जो प्रतिभागी बंदूक से मटकी फोड़ता है, उसे पंचायत की ओर से पुरस्कार भी दिया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की प्रतियोगिता गांव में लंबे समय से आयोजित होती आ रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है।
Latest Morena News : वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसमें दिखाई दे रही फायरिंग हाल की घटना है या पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हुआ है।
जौरा एसडीओपी नितिन बघेल के मुताबिक, फायरिंग से संबंधित वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें नजर आ रहे लोगों की पहचान की भी पड़ताल कर रही है।
Latest Morena News : सरपंच को थाने बुलाया
पुलिस ने मामले में परसौटा गांव के सरपंच को थाने बुलाकर जानकारी ली है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रतियोगिता के दौरान फायरिंग किस परिस्थिति में हुई और इसमें शामिल लोगों के पास मौजूद हथियारों के लाइसेंस वैध हैं या नहीं।
एसडीओपी ने कहा है कि यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है और नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल वीडियो कब का है, उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और फायरिंग के दौरान किसी नियम या कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं।




