BY
Yoganand Shrivastava
JPSC Exam Scam झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित गड़बड़ियों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरीशरण देवगन द्वारा दाखिल जनहित याचिका (PIL) में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच CBI या किसी स्वतंत्र जांच समिति से कराने की मांग की गई है। याचिका संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत दायर की गई है।
JPSC Exam Scam OMR शीट विवाद के बाद बढ़ा मामला
याचिका में कहा गया है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद एक सफल अभ्यर्थी की OMR शीट की कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। आरोप है कि संबंधित अभ्यर्थी ने प्रथम प्रश्नपत्र में 100 में से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, इसके बावजूद उसे सफल घोषित किया गया। इस घटना के बाद परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।

मामले को लेकर JPSC ने बताया था कि जांच राज्य की CID कर रही है। आयोग ने सफल अभ्यर्थियों से उनकी Paper-I और Paper-II की OMR कार्बन कॉपी जमा करने के निर्देश भी दिए थे।
JPSC Exam Scam स्वतंत्र ऑडिट और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
याचिका में OMR स्कैनिंग, कोडिंग, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की गई है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि परीक्षा से जुड़े सभी भौतिक और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जांच के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ न हो सके।
याचिकाकर्ता ने OMR शीट, कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी, उपस्थिति पत्रक, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, परीक्षा केंद्रों की रिपोर्ट, स्कैनिंग डेटा और परिणाम तैयार करने से संबंधित दस्तावेजों को संरक्षित रखने के निर्देश जारी करने की भी मांग की है।
JPSC Exam Scam छात्रों का प्रदर्शन जारी
इधर, परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे छात्र राहुल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्र संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों पर निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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