BMC Action : भोपाल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, भोपाल नगर निगम (BMC) ने अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कलां जैसे रिहायशी इलाकों में अवैध कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ सख्त सीलिंग कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत 1,000 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं और कई दुकानों व शोरूमों पर ताले लगाए गए हैं। बड़े-बड़े शोरूम और प्रतिष्ठान बंद करा दिए गए हैं। जिसका व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। शनिवार को करीब 100 से अधिक दुकानों को सील कर दिया है। इस दौरान नगर निगम टीम को कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन का भी सामना करना पड़ा |

BMC Action : नगर निगम का सीलिंग अभियान, हटेंगे व्यावसायिक प्रतिष्ठान
यह कार्रवाई रोहित नगर, गुलमोहर, बावड़िया कलां और 10 नंबर मार्केट में की गई है। इसमें कई बड़े शोरूम और दुकान हैं, जिनका कारोबार वर्षों से चल रहा था। साथ ही लाखों रुपए का उसमें निवेश किया था। नगर निगम ने कार्रवाई से पहले ऐसी दुकानों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस दिया था। जिसके बाद कार्रवाई की गई है। हालाँकि इस कारवाई से व्यापरियों में नाराज़गी है और उनका कहना है कुछ लोगो को रातों रात नोटिस दिए गए है | उधर वार्ड-52 में दुकान सील करने के दौरान पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार और बीएमसी कर्मचारियों के बीच हाथापाई हो गई।

BMC Action : रिहायशी इलाकों में कॉमर्शियल गतिविधियों पर रोक, 100 से अधिक दुकानें सील
पाटीदार इलाके की मौजूदा बीएमसी पार्षद के पति हैं। उनकी कर्मचारियों के साथ तीखी बहस हो गई। बाद में बीएमसी जोन इंचार्ज नीलेश श्रीवास्तव ने दखल देकर मामला शांत कराया। पाटीदार का आरोप था कि कारोबारियों को रातों-रात नोटिस दिए गए। वहीं, नगर निगम ने इन दावों को खारिज कर दिया है। इधर नगर निगम ने कई दुकानों के होर्डिंग पोस्टर हटाकर, भोपाल नगर निगम द्वारा इन जगहों पर कॉमर्शियल गतिविधियां रोक दी गई इन पोस्टर को चस्पा कर दिया हैं।
BMC Action : व्यापारियों ने किया विरोध, स्थायी समाधान न निकलने तक कार्रवाई पर लगे रोक
सवाल इस बात का है, भोपाल शहर के कई हिस्सों में रिहायशी प्लॉट पर सालों से कॉमर्शियल गतिविधियां चल रही हैं। अरेरा कॉलोनी जैसी कॉलोनियों के निवासी रिहायशी जमीन पर कॉमर्शियल निर्माण और बिजनेस को लेकर लगातार शिकायतें करते रहे हैं। वहीं, फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि व्यापारी कॉमर्शियल दरों पर बिजली बिल और प्रॉपर्टी टैक्स भर रहे हैं।


BMC Action : 21 सालों से नहीं है शहर का कोई मास्टर प्लान, अब व्यापारी हो रहे परेशान
उनके पास नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस और जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी है। उन्होंने कहा कि शहर में 21 साल से कोई मास्टर प्लान नहीं है। कोई नया कॉमर्शियल इलाका भी तय नहीं किया गया है, जिससे व्यापारियों के पास शिफ्ट होने के लिए कोई जगह नहीं बची है। इसलिए स्थायी समाधान ना निकलने तक कारवाई को रोकने की मांग की गई है|



