Jal Ganga Samvardhan Abhiyan Gwalior : जल गंगा संवर्धन अभियान का भव्य समापन; 18 हजार से अधिक कार्य पूर्ण, 24 लाख घन मीटर बढ़ी जल संग्रहण क्षमता

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Jal Ganga Samvardhan Abhiyan Gwalior

Jal Ganga Samvardhan Abhiyan Gwalior मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए चलाए गए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के समापन अवसर पर मंगलवार को ग्वालियर के बाल भवन में एक भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस विशेष समारोह में अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों और शासकीय सेवकों को सम्मानित किया गया। इस दौरान मंत्री श्री कुशवाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन-संदेश का वाचन भी किया।

Jal Ganga Samvardhan Abhiyan Gwalior “पेड़-पौधे धरती माता के गहने हैं”— मंत्री नारायण सिंह कुशवाह

Jal Ganga Samvardhan Abhiyan Gwalior मुख्य अतिथि मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाली और पेड़-पौधे धरती माता के आभूषण हैं। पानी बचाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मंत्री श्री कुशवाह ने अभियान की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा:

  • सकारात्मक परिणाम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जन-भागीदारी से नदी, कुएं, बावड़ी और तालाबों के संरक्षण का जो अभियान शुरू हुआ था, उसके बेहद उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।
  • बावड़ियों का कायाकल्प: ग्वालियर शहर की सभी 118 बावड़ियों और लक्ष्मीगंज स्थित मेहराब साहब की तलैया के जीर्णोद्धार का जिक्र करते हुए उन्होंने शहरवासियों से जल संरक्षण के इस महायज्ञ में सहभागी बनने का आह्वान किया।

Jal Ganga Samvardhan Abhiyan Gwalior ग्वालियर जिले में अभियान की प्रमुख उपलब्धियां

19 मार्च से 30 जून तक चले इस सघन अभियान के दौरान ग्वालियर जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों में जल सहेजने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर काम किए गए हैं:

  • कुल पूर्ण कार्य: जिले भर में जल संरक्षण से जुड़े 18,704 कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए, जिससे जिले की जल संग्रहण क्षमता में 24 लाख घन मीटर की भारी बढ़ोतरी हुई है।
  • शहरी क्षेत्र (नगर निगम): अकेले नगर निगम ग्वालियर क्षेत्र में 12,011 कार्य कराए गए। इसके तहत 3008 जल नमूनों की जांच, 1959 पाइपलाइन व सीवेज लीकेज का सुधार और 655 नए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किए गए।
  • ‘अमृत मित्र’ की फौज: शहर में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 1,000 “अमृत मित्र” बनाए गए हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्र में बड़ा बदलाव: कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान से किसानों की सोच बदली है। जिले में अब तक लगभग 900 खेत तालाब बनाए जा चुके हैं, जिनमें से 679 खेत तालाब, 762 कूप रीचार्ज और 2761 अन्य विकास कार्य इसी अभियान के दौरान पूरे किए गए।

Jal Ganga Samvardhan Abhiyan Gwalior गरिमामयी उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने वर्षा काल में जल निकास की समुचित व्यवस्था और जन-जागरूकता पर बल दिया। वहीं, जीडीए अध्यक्ष श्री मधुसूदन सिंह भदौरिया, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अशोक जादौन और भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया ने भी जल को संस्कृति का हिस्सा बताते हुए मुरार नदी को पुनर्जीवित करने का संकल्प दोहराया।

समारोह की शुरुआत मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद छात्रा कु. अनुष्का ने एक बेहद मनमोहक शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया। इस उत्कृष्ट कला प्रदर्शन से प्रभावित होकर मंत्री श्री कुशवाह ने कु. अनुष्का को अपनी स्वैच्छिक निधि से 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।

इस अवसर पर साडा अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, मेला उपाध्यक्ष श्री उदयवीर सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका घुरैया सहित नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत एवं अपर आयुक्त श्री टी. प्रतीक राव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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