BY
Yoganand Shrivastava
Gold worth crores cleared out from bank locker बिना बताए गायब हुआ चाबी का धारक, शक होने पर खुली बैंक की पोल
यह चौंकाने वाली घटना फिरोजाबाद जिले के अरांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बैंक ऑफ इंडिया की भरौल शाखा की है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, बैंक लॉकर की मुख्य चाबी संभालने वाला कर्मचारी दिलीप कुमार (निवासी बासगांव, इटावा) गत 27 मई से बिना किसी सूचना के अचानक ड्यूटी से लापता हो गया था। दिलीप के गायब होने से जब लॉकर का काम पूरी तरह ठप्प हो गया और बैंक प्रबंधन का उससे कोई संपर्क नहीं हो सका, तो अधिकारियों का शक गहरा गया। इसकी तत्काल सूचना आगरा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को दी गई।
Gold worth crores cleared out from bank locker वीडियोग्राफी और वकील की मौजूदगी में तोड़ा गया लॉकर, उड़े सबके होश
मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 जून को क्षेत्रीय कार्यालय से वरिष्ठ सुरक्षा प्रबंधकों (अंकित और सुशील कुमार) की एक विशेष टीम को जांच के लिए भरौल शाखा भेजा गया। बैंक के पैनल अधिवक्ता शिव कुमार शर्मा की उपस्थिति में और पूरी वीडियोग्राफी कराते हुए जब दूसरी चाबी की मदद से लॉकर को खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। लॉकर के अंदर सुरक्षित रखे गए गोल्ड लोन के कुल 96 पैकेट गायब थे। हालांकि एफआईआर में सोने के सटीक वजन या उसकी कीमत का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन गायब सोने का मूल्य करोड़ों रुपये आंका जा रहा है।

Gold worth crores cleared out from bank locker पूर्व मैनेजर सहित तीन पर एफआईआर, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश
बैंक ऑफ इंडिया के आगरा क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य प्रबंधक आदित्य प्रताप सिंह की तहरीर पर बुधवार रात अरांव थाने में भ्रष्टाचार और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस महाघोटाले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक संदीप यादव, लापता कर्मचारी दिलीप कुमार और क्रेडिट अधिकारी नरेश कुमार (निवासी हाथरस) को नामजद आरोपी बनाया है। अरांव थाना प्रभारी के अनुसार, सर्विलांस और सर्विलांस यूनिट सहित पुलिस की कई विशेष टीमें आरोपियों की धरपकड़ और गायब सोने की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
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