Report: Neha gupta
Anti-people Policies राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की भोजपुर इकाई ने आज जिला मुख्यालय आरा में एक दिवसीय विशाल धरने के जरिए बिहार की एनडीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस विरोध प्रदर्शन में बेलगाम महंगाई, लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार, लचर कानून व्यवस्था, बार-बार होते पेपर लीक, किसानों की दुर्दशा और वंचितों के अधिकारों के हनन जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरा गया। इस महाधरने की अध्यक्षता राजद जिलाध्यक्ष वीरबल यादव ने की, जबकि मंच संचालन मुख्य महासचिव रामबाबू पासवान द्वारा किया गया।
Anti-people Policies ‘डबल इंजन’ की गलत नीतियों से आर्थिक संकट और ब्लॉक स्तर पर बढ़ा भ्रष्टाचार

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मनेर के विधायक और बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष, भाई वीरेंद्र ने केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर भारी टैक्स और रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी और मध्यम वर्ग का जीना मुहाल कर दिया है। सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि ब्लॉक स्तर पर बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा है; चाहे वह दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) हो, परिमार्जन हो या फिर जाति-आवासीय प्रमाणपत्र बनवाना हो।
वहीं, विधान पार्षद सोनू कुमार राय ने मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ को जमीनी हकीकत से ध्यान भटकाने वाला नाटक करार दिया। उन्होंने आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार आज भी देश के सबसे निचले पायदान पर है, जो सरकार के विकास के खोखले दावों को उजागर करता है।

Anti-people Policies ध्वस्त कानून व्यवस्था, पुलों का गिरना और वित्तीय गड़बड़ी सरकार की नाकामी का सबूत
Anti-people Policies जगदीशपुर के पूर्व विधायक राम विशुन सिंह (लोहिया) ने राज्य की सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में मर्डर, किडनैपिंग और साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़े हैं। शराबबंदी पूरी तरह फेल है और इसकी आड़ में समानांतर अवैध धंधा चल रहा है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूर्व विधायक अरुण यादव और राहुल तिवारी ने सीएजी (महालेखाकार) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि हजारों करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) गायब होना बड़े वित्तीय घोटाले की ओर इशारा करता है। हाल के दिनों में लगातार पुलों का गिरना इसी प्रशासनिक विफलता और कमीशनखोरी का नतीजा है। उन्होंने मांग की कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों के आशियाने न उजाड़े जाएं।
Anti-people Policies किसानों की अनदेखी, भूमिहीनों का शोषण और पेपर लीक पर इस्तीफे की मांग
जातिगत गणना का उल्लेख करते हुए संदेश के पूर्व विधायक विजयेंद्र यादव ने कहा कि आज भी सूबे की एक बड़ी आबादी (विशेषकर एससी, एसटी और ओबीसी) अत्यंत गरीबी में रहने को मजबूर है। बड़हरा के पूर्व प्रत्याशी रामबाबू सिंह ने आरोप लगाया कि भूदान की जमीन मिलने के बावजूद दबंगों के कारण गरीबों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। किसानों का पक्ष रखते हुए जिलाध्यक्ष वीरबल यादव ने कहा कि सरकार धान-गेहूं के अलावा अन्य फसलों की सरकारी खरीद को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
आखिर में जिला प्रवक्ता आलोक रंजन ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर गहरी नाराजगी जताई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन जनविरोधी नीतियों को जल्द नहीं बदला गया, तो राजद इस आंदोलन को सड़क से लेकर विधानसभा तक और उग्र करेगी।
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