CM Mohan Yadav Action: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान में सामने आई लापरवाही
CM Mohan Yadav Action: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 अगस्त को बड़वानी में आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने आम लोगों की शिकायतें सीधे सुनीं और शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर नहीं पहुंचने के मामलों में जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।कार्यक्रम के दौरान नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, संबल योजना सहित अन्य मामलों में लंबे समय से चली आ रही देरी सामने आई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आमजन को अपने अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।

CM Mohan Yadav Action: नामांतरण में छह साल की देरी पर तहसीलदार और दो पटवारी निलंबित
राजपुर तहसील से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता अजय ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पिता के निधन के बाद वर्ष 2016 में नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन यह प्रक्रिया वर्ष 2022 में पूरी हुई। यानी नामांतरण में करीब छह वर्ष का समय लगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इतने लंबे समय तक प्रकरण लंबित रहने को गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार, जो वर्तमान में धार जिले में डिप्टी कलेक्टर हैं, को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मामले से जुड़े पटवारी मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे के खिलाफ भी तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
CM Mohan Yadav Action: प्रधानमंत्री आवास की किश्त में देरी पर दो सीएमओ और सहायक यंत्री पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से जुड़े एक अन्य प्रकरण की भी समीक्षा की। शिकायतकर्ता रुपेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में योजना के तहत आवेदन किया था। इसके बाद वर्ष 2022 में जियो टैग की प्रक्रिया पूरी हुई और वर्ष 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन उन्हें समय पर राशि नहीं मिल सकी।बताया गया कि मकान का निर्माण पूरा होने के बाद उन्हें 10 अगस्त को पहली किश्त प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राही को आवास निर्माण के लिए मिलने वाली राशि में हुई देरी को गंभीर विषय माना।इस मामले में मुख्यमंत्री ने संबंधित अवधि में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारियों मायाराम सोलंकी और जगदीश धाकड़ तथा सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
CM Mohan Yadav Action: संबल योजना की सहायता में देरी पर भी सख्ती
संबल योजना के अंतर्गत अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर ने अपनी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। उन्होंने बताया कि सहायता राशि के लिए अप्रैल 2019 में आवेदन किया गया था, लेकिन लंबे समय तक राशि प्राप्त नहीं हुई।जांच के दौरान यह बात सामने आई कि प्राथमिकता सूची में बाद में आने वाले कुछ हितग्राहियों को पहले लाभ दिया गया। इस तरह के कुल 16 प्रकरण सामने आने की जानकारी दी गई।मुख्यमंत्री ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित सहायता योजनाओं में इस तरह की देरी को गंभीरता से लिया। उन्होंने प्रकरण में जिम्मेदार जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
CM Mohan Yadav Action: मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के भुगतान की होगी जांच
सेंधवा विकासखंड से जुड़े महिला एवं बाल विकास विभाग के एक मामले की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। शिकायतकर्ता मोहसिन मंसूरी और लाभार्थी मोहम्मद कैफ मंसूरी से बातचीत में सामने आया कि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली गई थी, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान में देरी हुई।बजट उपलब्ध होने के बाद नौ महीने की राशि एक साथ जारी की गई। मुख्यमंत्री ने इस मामले में भुगतान में देरी के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की राशि समय पर उपलब्ध हो।
CM Mohan Yadav Action: पशु बीमा के भुगतान में दो साल से अधिक की देरी
पशुपालन एवं डेयरी विभाग से जुड़े पशु बीमा प्रकरण की भी समीक्षा की गई। शिकायतकर्ता भाव सिंह मुवाक्य और लाभार्थी हरी जगन मेहता के मामले में बताया गया कि पशु की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम और आवेदन से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कर ली गई थी, लेकिन बीमा राशि के भुगतान में देरी हुई।अधिकारियों ने बताया कि बीमा कंपनी की तकनीकी समस्या के कारण भुगतान अटक गया था। लगातार प्रयासों के बाद राशि का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले में दो वर्ष से अधिक समय लगने पर नाराजगी जताई और बीमा कंपनी की कार्यप्रणाली के साथ भोपाल स्तर पर संभावित त्रुटियों की जांच के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
CM Mohan Yadav Action: उत्कृष्ट काम करने वालों को सम्मान, लापरवाही पर दंड
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सरकार बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रोत्साहित करेगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा, लेकिन जनता के काम में लापरवाही या अनावश्यक देरी करने वालों की जवाबदेही भी तय होगी।उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्ति तक समय-सीमा में पहुंचना चाहिए। किसी भी शिकायत को सिर्फ कागजी प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
CM Mohan Yadav Action: आमजन को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनकी जिम्मेदारी तय करने और जल्द से जल्द समाधान करने की व्यवस्था मजबूत की जाए।उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ लेते हुए उसका समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।
CM Mohan Yadav Action: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच भरोसे को मजबूत करना और लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। बड़वानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे शिकायतकर्ताओं से संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानी।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब सामने आता है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
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