President Droupadi Murmu : नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, राष्ट्रीय सुरक्षा, किसानों, युवाओं, गरीबी उन्मूलन, विदेश नीति और पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश की आजादी केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी देने वाली विरासत भी है। उन्होंने विद्यार्थियों, किसानों, वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, श्रमिकों और शिक्षकों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।

President Droupadi Murmu : संविधान और जनभागीदारी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत का संविधान जनभागीदारी की भावना पर आधारित है। देश के नागरिक लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और राष्ट्र की प्रगति में लगातार योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देशवासियों के लिए अपनी आजादी और लोकतांत्रिक विरासत पर गर्व करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। देश और विदेश में रहने वाले भारतीय हर वर्ष इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं।
President Droupadi Murmu : स्वतंत्र भारत के निर्माण में हर वर्ग की अहम भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि 15 अगस्त 1947 के बाद देश की नियति को आकार देने की जिम्मेदारी प्रत्येक भारतीय के हाथों में आई। आज शिक्षक और विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में, वैज्ञानिक और इंजीनियर तकनीकी विकास में तथा डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी जनसेवा में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने किसानों और श्रमिकों के योगदान को भी राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि देश की प्रगति सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
President Droupadi Murmu : सिंधु जल संधि पर राष्ट्रपति ने क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिंधु जल संधि के निलंबन को राष्ट्रीय हित से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के साथ इस संधि को निलंबित करना खास तौर पर किसानों के हित में निर्णायक कदम है।
उन्होंने न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण किसी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं होना चाहिए। उनके संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा और किसानों के हित को महत्वपूर्ण स्थान मिला।
President Droupadi Murmu : एक दशक में भारत ने तेज गति से की प्रगति
President Droupadi Murmu Independence Day Address में राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत की विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश ने समावेशी विकास को आगे बढ़ाते हुए अपनी समृद्ध विरासत और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया है।
राष्ट्रपति ने वैदिक विचार ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का उल्लेख करते हुए नागरिकों से राष्ट्र के प्रति हमेशा जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।
President Droupadi Murmu : 25 करोड़ से अधिक लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा
राष्ट्रपति ने सरकार की सामाजिक और आर्थिक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना का भी जिक्र किया और बताया कि करोड़ों लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिला खाताधारक भी वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा बनी हैं। इसके अलावा करोड़ों लोगों के लिए मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किए जाने की बात राष्ट्रपति ने कही।
President Droupadi Murmu : छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था पर भी जोर
President Droupadi Murmu Independence Day Address में विद्यार्थियों को भारत का भविष्य निर्माता बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सरकार और समाज का एकजुट होना आवश्यक है, उसी तरह विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। राष्ट्रपति के अनुसार, विद्यार्थियों को ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए जिसमें उनकी मेहनत और प्रतिभा को उचित अवसर मिले तथा उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।
President Droupadi Murmu : विदेश नीति में राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत की विदेश नीति देश के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने और दूसरे देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों के बीच भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का सम्मान बढ़ा है।
President Droupadi Murmu : पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी
राष्ट्रपति ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह प्राकृतिक संपदा का उपयोग इस तरह करे कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकार प्रभावित न हों।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भारतीय परंपरा का हिस्सा बताते हुए कहा कि विकास के साथ प्रकृति के संरक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है। राष्ट्रपति ने देशवासियों से जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र के भविष्य के लिए योगदान देने की अपील की।
President Droupadi Murmu : विकसित भारत के लक्ष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
President Droupadi Murmu Independence Day Address का केंद्रीय संदेश राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भागीदारी और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना रहा। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने देशवासियों से राष्ट्रीय हित, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए भारत को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

