Lakhpati Gram : दुर्ग की तीन पंचायतों ने पारित किया लखपति ग्राम का प्रस्ताव
Lakhpati Gram : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की तीन ग्राम पंचायतों ने आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) “बिहान” के तहत पाटन की बोरेंदा, धमधा की पथरिया डी और दुर्ग की खपरी सी ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभा में सर्वसम्मति से ‘लखपति ग्राम’ बनने का प्रस्ताव पारित किया गया।

Lakhpati Gram : स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने बदली गांव की तस्वीर
इन पंचायतों में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कृषि, पशुपालन, मुर्गी पालन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। महिलाओं की बढ़ती आमदनी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है और आत्मनिर्भरता की दिशा में नया उदाहरण पेश किया है।
Lakhpati Gram : बिहान योजना से मिल रहा आर्थिक सशक्तिकरण
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बैंक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे महिलाएं छोटे व्यवसायों को सफलतापूर्वक संचालित कर अपनी आय में लगातार वृद्धि कर रही हैं।
Lakhpati Gram : जिला पंचायत कर रही विशेष निगरानी
जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ बजरंग दुबे के मार्गदर्शन में इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है और उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
Lakhpati Gram : सत्यापन के बाद मिलेगी ‘लखपति ग्राम’ की मान्यता
अब जिला स्तरीय समिति इन पंचायतों में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की वार्षिक आय का सत्यापन करेगी। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद बोरेंदा, पथरिया डी और खपरी सी पंचायतों को आधिकारिक रूप से ‘लखपति ग्राम’ का दर्जा प्रदान किया जाएगा।





