BY
Yoganand Shrivastava
Madhya Pradesh Congress MLA Resort Politics आधी रात को सिंगार के घर बनी रणनीति: वोटिंग के दिन तक सुरक्षित रखे जाएंगे विधायक
भोपाल: मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जोड़-तोड़ और ‘ऑपरेशन लोटस’ के डर से कांग्रेस आलाकमान ने अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के लिए ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ (बाड़ाबंदी) का सहारा लिया है। सूत्रों के मुताबिक, दोपहर 12:00 बजे के बाद कांग्रेस विधायकों को भोपाल से चार्टर प्लेन के जरिए किसी अन्य सुरक्षित राज्य में शिफ्ट करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह बड़ा फैसला देर रात नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के सरकारी आवास पर हुई कांग्रेस विधायकों की एक गुप्त और मैराथन बैठक में लिया गया, ताकि अगले 10 दिनों तक यानी मतदान के दिन तक सभी विधायकों को किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।
Madhya Pradesh Congress MLA Resort Politics पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया का बड़ा आरोप: “5 से 8 करोड़ में विधायकों को खरीदने का ऑफर”
Madhya Pradesh Congress MLA Resort Politics कांग्रेस के दिग्गज आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मीडिया के सामने बड़ा दावा करते हुए कहा:
Madhya Pradesh Congress MLA Resort Politics चुनावी गणित और उम्मीदवारों की स्थिति
मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में राज्यसभा की खाली सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है:
बीजेपी ने घोषित किए उम्मीदवार
07 जून 2026
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, केंद्रीय चुनाव समिति ने कर्नाटक से एम नागराज और मध्य प्रदेश से महेश केवट को अपना आधिकारिक राज्यसभा प्रत्याशी घोषित किया है।
10 राज्यों में मतदान
18 जून 2026
मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर समेत देश के 10 प्रमुख राज्यों की कुल 24 राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को वोट डाले जाएंगे।
Madhya Pradesh Congress MLA Resort Politics केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर भी गरमाई राजनीति
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए धनबल के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पहले पंजाब में भी आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्रियों और विधायकों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी हो चुकी है, जिसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। अब मध्य प्रदेश में भी चुनाव से ठीक पहले विधायकों को राज्य से बाहर भेजने के फैसले ने यह साफ कर दिया है कि राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प और तनावपूर्ण हो चुका है।
सियासी गलियारों की चर्चा: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस अपने कुनबे को बचाने में सफल रहती है, तो मुकाबला तयशुदा गणित के अनुसार होगा, लेकिन यदि क्रॉस वोटिंग की स्थिति बनती है, तो मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।





