Chhattisgarh Bus Fare Hike : सरकार बोली बस किराए में की नाममात्र की बढ़ोतरी की
रिपोर्ट- हिमांशु पटेल
Chhattisgarh Bus Fare Hike : छत्तीसगढ़ में महंगाई का मीटर एक बार फिर तेज हो गया है…अब आम आदमी के सफर पर भी महंगाई का ब्रेक नहीं है, बल्कि अतिरिक्त खर्च का झटका लगा है। प्रदेश में यात्री बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। साधारण बस का किराया 1 रुपये 25 पैसे से बढ़ाकर 1 रुपये 75 पैसे प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। यानी हर किलोमीटर के सफर पर अब यात्रियों को पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। वहीं डीलक्स, एसी स्लीपर और सुपर लग्जरी बसों के किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। सवाल ये है कि आखिर महंगाई की इस मार से आम जनता को राहत कब मिलेगी ?
Chhattisgarh Bus Fare Hike : किराए में बढ़ोत्तरी, सियासत परवान चढ़ी
नौकरीपेशा लोगों से लेकर कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों तक… रोजाना बस से सफर करने वालों के लिए ये फैसला किसी झटके से कम नहीं है… पहले महंगे राशन और सब्जियों ने घरेलू बजट बिगाड़ा… फिर बिजली बिल ने जेब पर बोझ बढ़ाया… और अब बस किराए में बढ़ोतरी ने आम आदमी की परेशानी और बढ़ा दी है… हर दिन काम पर जाने वाले कर्मचारी हों या पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का सफर करने वाले छात्र…
अब उनके मासिक खर्च में भी इजाफा होना तय है…हालांकि, सरकार इस बढ़ोतरी को परिवहन व्यवस्था सुचारू बनाए रखने की जरूरत बता रही है… उप मुख्यमंत्री अरुण साव का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हुई है… ट्रांसपोर्टर लगातार किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे… इसी वजह से सरकार ने किराए में नाममात्र की बढ़ोतरी की है…
Chhattisgarh Bus Fare Hike : ‘सरकार ने किराए में की नाममात्र की बढ़ोतरी’
इधर, किराया बढ़ोतरी को लेकर सियासी पारा भी चढ़ गया है… पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर महंगाई को लेकर तीखा हमला बोला है… बघेल का आरोप है कि बिजली बिल तीन साल में पांच बार बढ़ाया गया… बस किराया एक साल में दूसरी बार बढ़ा है और पेट्रोल, डीजल से लेकर रसोई गैस तक की कीमतों में इजाफा हो चुका है…तो वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि चावल, दाल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों के बीच बस किराया बढ़ाकर जनता पर दोहरी मार की गई है। उन्होंने बिजली उत्पादन और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
Chhattisgarh Bus Fare Hike : महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कुल मिलाकर,छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ोतरी अब सिर्फ परिवहन का मामला नहीं, बल्कि सियासी टकराव का नया मोर्चा बन गई है… सरकार इसे परिवहन व्यवस्था की जरूरत बता रही है, तो कांग्रेस इसे महंगाई से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त बोझ करार दे रही है… लेकिन इन आरोपों और दलीलों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है… आम आदमी की आमदनी सीमित है, खर्च लगातार बढ़ रहे हैं… ऐसे में हर सफर महंगा होगा, तो जनता को राहत आखिर मिलेगी कहां से ? महंगाई के इस सफर में सरकार के दावों और जनता की परेशानियों के बीच टकराव लगातार तेज होता दिख रहा है…
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