रिपोर्ट- जसप्रीत सिंह
Kota News : कोटा। राजस्थान के कोटा ग्रामीण में किसानों और विद्युत विभाग के लिए परेशानी का कारण बने बिजली तार चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन कथित सदस्यों और चोरी का माल खरीदने वाले दो कबाड़ियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 33 केवी और 11 केवी बिजली लाइनों के 1200 किलोग्राम से अधिक तार बरामद किए गए हैं। वारदातों में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है।
पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के अनुसार, इस कार्रवाई में कोटा ग्रामीण जिले में बिजली के तार चोरी की 77 वारदातों का खुलासा हुआ है। जांच में बारां जिले के कई इलाकों में भी गिरोह की गतिविधियां सामने आई हैं। पुलिस को पिछले छह महीनों में 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दिए जाने के संकेत मिले हैं।
Kota News : खेतों से बिजली के तार चोरी होने से परेशान थे किसान
कोटा ग्रामीण के कैथून, सीमलिया, देवली मांझी और दीगोद थाना क्षेत्रों में खेतों पर लगे बिजली के खंभों से तार चोरी होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बिजली के तार कटने से किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने और उनके सूखने का खतरा भी बढ़ रहा था।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण किसान और विद्युत विभाग के अधिकारी परेशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चोरों की पहचान करने और वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष चोरी निरोधक सेल का गठन किया।
Kota News : एक महीने की जांच के बाद आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस टीम ने करीब एक महीने तक मामले की जांच की। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों, टोल प्लाजा के फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचनाओं की मदद ली गई। जांच के बाद स्थानीय बागरी गिरोह की कथित भूमिका सामने आई।
पुलिस ने गिरोह के कथित सरगना पूरण बागरी के साथ सुल्तान बागरी और गोलू बागरी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा चोरी के तार खरीदने के आरोप में कोटा निवासी शाहिद और जाहिद कबाड़ी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई वारदातों से जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं।
Kota News : दिन में रेकी, रात में बिजली के तारों की चोरी
पुलिस की जांच में गिरोह के कथित काम करने के तरीके का भी खुलासा हुआ है। बताया गया कि आरोपी दिन के समय खेतों और बिजली लाइनों की रेकी करते थे। वे ऐसे स्थानों को चिह्नित करते थे, जहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कम हो।
इसके बाद आरोपी रात करीब 11 बजे कार से मौके पर पहुंचते थे। बिजली सप्लाई की स्थिति जांचने के बाद खंभों पर चढ़कर तार काटते और उन्हें सड़क किनारे इकट्ठा कर लेते थे। बाद में चोरी किए गए तार कार में भरकर कबाड़ियों तक पहुंचाए जाते थे।
Kota News : 100 से 120 रुपये किलो में बेचते थे चोरी के तार
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर चोरी किए गए तार 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचते थे। वहीं, कबाड़ी इन्हें आगे 180 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बेचते थे। पुलिस के अनुसार, इस कारोबार में नकद लेन-देन किया जाता था।
कार्रवाई के दौरान 1200 किलो से अधिक बिजली के तार बरामद हुए हैं। इसके अलावा वारदातों में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है।
Kota News : बारां जिले की वारदातों की भी जांच
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बारां जिले के अन्ता, बारां सदर और अन्य थाना क्षेत्रों में हुई बिजली के तार चोरी की घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े संभावित सदस्यों के बारे में खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से बिजली लाइनों को निशाना बनाने वाले गिरोह की गतिविधियों पर अंकुश लगाने और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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