Lucknow: आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा की मजबूत ढाल बनेगा नागरिक सुरक्षा विभाग: मुख्यमंत्री योगी

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
https://swadeshlive.com/lucknow-civil-defence-up/

Report by: Vandana Rawat

Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नागरिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में नागरिक सुरक्षा की भूमिका केवल युद्धकालीन परिस्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव, जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव, अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, खोज एवं बचाव तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विभाग की क्षमताओं को और मजबूत किया जाना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा गतिविधियों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री जी ने आर्मी से सेवानिवृत्त लोगों के द्वारा प्रशिक्षण दिए जाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में अवकाश का समय चल रहा है। ऐसे में एनसीसी, एनएसएस आदि के स्वयंसेवकों को भी सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग के साथ जोड़ा जाए। इन्हें भी सीपीआर व फर्स्ट एड की ट्रेनिंग दी जाए। मुख्यमंत्री जी ने आपदा से पहले लोगों को जागरूक करने के लिए सायरन के प्रयोग पर विशेष जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि भारत-चीन युद्ध के बाद वर्ष 1962 में नागरिक सुरक्षा की स्थापना की गई थी तथा वर्ष 1968 में नागरिक सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया। नागरिक सुरक्षा संशोधित अधिनियम-2009 के माध्यम से विभाग को आपदा पूर्व, आपदा के दौरान तथा आपदा उपरांत कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। वर्तमान में विभाग राहत एवं बचाव, क्षति न्यूनीकरण, अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, खोज एवं बचाव तथा फंसे हुए लोगों की सुरक्षित निकासी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने विभाग की जनजागरूकता एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के समय प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए समाज का प्रशिक्षित और जागरूक होना आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा स्वयंसेवकों को अग्निशमन, खोज एवं बचाव तथा प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनसीसी, एनएसएस, रेलवे, महत्वपूर्ण संस्थानों तथा सुरक्षा बलों को ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में तैयार करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

बैठक में बताया गया कि भारत सरकार की ‘स्कीम फॉर ट्रेनिंग एंड कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ सिविल डिफेंस इन स्टेट्स’ के अंतर्गत प्रदेश के पूर्व से संचालित 17 जनपदों में लगभग 5,000 वार्डनों एवं स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। 72,438 छात्र-छात्राओं को नागरिक सुरक्षा का सामान्य प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त होमगार्ड के 7,502 स्वयंसेवकों तथा 4,633 नागरिकों को आपदा प्रबंधन पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया गया है। नागरिक सुरक्षा की विभिन्न सेवाओं, जिनमें वार्डन सेवा, अग्निशमन सेवा एवं प्राथमिक चिकित्सा सेवा शामिल हैं, में कुल 6,695 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि पूर्व में संस्थान में नागरिक सुरक्षा के 15 जनपदों के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जाता था, जबकि मई 2025 से नागरिक सुरक्षा इकाइयों एवं प्रशिक्षण व्यवस्था का विस्तार प्रदेश के सभी 75 जनपदों तक कर दिया गया है।

विभागीय उपलब्धियों की समीक्षा के दौरान बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी जनपदों में नागरिक सुरक्षा इकाइयों का गठन कर दिया गया है तथा जिलाधिकारियों को नियंत्रक, नागरिक सुरक्षा के रूप में नामित किया गया है। नवसृजित जनपदों में उपनियंत्रक के 61 नए पद तथा सहायक उपनियंत्रक साधारण वेतनमान के 60 नए पद सृजित किए गए हैं। नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ते एवं प्रशिक्षण भत्ते की दरों में वृद्धि की गई है। विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजे जा चुके हैं। 60 नवसृजित जनपदों में लगभग 7,500 स्वयंसेवकों की भर्ती की जा चुकी है तथा उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया प्रचलित है। मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए।

भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नवसृजित जनपदों में नागरिक सुरक्षा की महायोजनाओं को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा आवश्यकता के अनुरूप स्वयंसेवकों की भर्ती पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त स्वयंसेवकों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। प्रत्येक नागरिक सुरक्षा जनपद में वर्ष में कम से कम दो बार सभी हितधारकों की सहभागिता के साथ वृहद मॉक ड्रिल आयोजित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक सुरक्षा विभाग को जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मजबूत, आधुनिक और सक्षम संस्था के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने विभागीय योजनाओं और प्रस्तावों के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की क्षमता, दक्षता और संख्या बढ़ाकर प्रदेश की आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए।

read also: World Environment Day पर मुख्यमंत्री योगी का प्रदेशवासियों को संदेश, बोले- जल, जंगल और जमीन का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी

- Advertisement -
Ad imageAd image

Jharkhand Andolankari: झारखंड आंदोलनकारियों ने उठाई अधिकारों की मांग, समान पेंशन और 20% क्षैतिज आरक्षण पर जोर

Report: Ratan kumar Jharkhand Andolankari जामताड़ा में आयोजित झारखंड आंदोलनकारियों की प्रमंडलीय

Katihar Custody Death: कटिहार में पुलिस हिरासत के बाद युवक की मौत, परिजनों का हंगामा और सड़क जाम

संवाददाता: मनोज कुमार Katihar Custody Death कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड के

Shahrukh Gangster Arrested: 15 हजार का इनामी गैंगस्टर शाहरुख पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

रिपोर्ट - प्रेमपाल सिंह Shahrukh Gangster Arrested फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र