संवाददाता/गगन पांडेय
Train Thief Arrested Bihar बिहार के सीवान रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर मुस्तैद आरपीएफ (RPF) की सीपीडीडीएस (CPDS) टीम और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने एक संयुक्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बेहद शातिर झपटमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एक रेल यात्री के मासूम बच्चे के गले से सोने का कीमती लॉकेट झपटकर भागने की फिराक में था, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
Train Thief Arrested Bihar आरोपी की पहचान और बरामदगी
सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किए गए आरोपी से कड़ी पूछताछ की है और उसकी पहचान स्थापित कर ली है:
- स्थानीय निवासी है आरोपी: पुलिस की गिरफ्त में आए शातिर चोर का नाम मासूम अली (उम्र 19 वर्ष) है, जो सीवान के नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नया किला चिक टोली का निवासी बताया जा रहा है।
- हजारों का लॉकेट बरामद: पुलिस ने आरोपी की जामा तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी किया गया सोने का लॉकेट बरामद कर लिया है। सराफा बाजार के अनुमान के मुताबिक, इस बरामद सोने के लॉकेट की कीमत लगभग 50 हजार रुपये आंकी गई है।
Train Thief Arrested Bihar छपरा-गोरखपुर रेलखंड पर था आतंक
शुरुआती जांच और पुलिसिया पड़ताल में आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसके काम करने के तरीके को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं:
- यात्रियों को बनाता था निशाना: 19 वर्षीय यह आरोपी मुख्य रूप से छपरा-गोरखपुर रेलखंड के बीच पड़ने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों और चलती ट्रेनों में पैसेंजर्स के कीमती सामान, मोबाइल और आभूषण उड़ाने का काम करता था।
- भीड़ का फायदा: यह शातिर अपराधी ट्रेनों में चढ़ने-उतरने के दौरान यात्रियों की लापरवाही या भारी भीड़ का फायदा उठाकर छिनैती की घटनाओं को अंजाम देता था।
Train Thief Arrested Bihar जीआरपी थाने में मामला दर्ज, आगे की जांच शुरू
Train Thief Arrested Bihar इस सफल ऑपरेशन के बाद रेलवे पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज कर दिया है:
- एफआईआर दर्ज: सीवान जीआरपी पुलिस ने पीड़ित यात्री की शिकायत और बरामद माल के आधार पर आरोपी मासूम अली के खिलाफ संबंधित धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
- अन्य वारदातों की कड़ियाँ: पुलिस अब आरोपी को जेल भेजने के साथ ही इस बात का भी पता लगा रही है कि इस रेलखंड पर उसके साथ और कौन-कौन से शातिर अपराधी या स्मैचिंग गिरोह जुड़े हुए हैं, ताकि चोरी का सामान खरीदने वालों पर भी नकेल कसी जा सके।





