BY
Yoganand Shrivastava
Madhya Pradesh UCC Bill मध्य प्रदेश विधानसभा में तीखी बहस और विपक्ष के विरोध के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 पारित हो गया। कांग्रेस ने बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की और सदन में विरोध प्रदर्शन किया, जबकि सरकार ने इसे सामाजिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
Madhya Pradesh UCC Bill शादी, तलाक और लिव-इन संबंधों पर लागू होंगे नए प्रावधान
नए कानून के तहत सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बहुविवाह पर रोक, तीन तलाक और निकाह हलाला को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। वहीं लिव-इन रिलेशनशिप का एक माह के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर तीन महीने तक की सजा का प्रावधान भी शामिल है। लिव-इन संबंधों से जन्मे बच्चों को वैधानिक अधिकार दिए जाएंगे।
Madhya Pradesh UCC Bill महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर विशेष जोर
विधेयक में जैविक, गोद लिए गए, सरोगेसी और एआरटी तकनीक से जन्मे बच्चों को समान कानूनी और उत्तराधिकार अधिकार देने का प्रावधान है। यदि लिव-इन संबंध में महिला को साथी छोड़ देता है तो वह अदालत से भरण-पोषण की मांग कर सकेगी। हालांकि अनुसूचित जनजातियों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।





