BY
Yoganand Shrivastava
Ravana Idols Discovery कर्नाटक के मांड्या और मैसूर क्षेत्र में पुरातात्विक खोज के दौरान रावण की 35 से अधिक प्राचीन मूर्तियां मिलने का दावा किया गया है। यह खोज इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष रुचि का विषय बन गई है, क्योंकि यह क्षेत्र पौराणिक रूप से रामायण और महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है।
Ravana Idols Discovery कई स्थानों से सामने आईं मूर्तियां
रिपोर्ट्स के अनुसार, मांड्या जिले के मद्दूर, मलावल्ली और अन्य इलाकों में हुई खोज के दौरान कई प्रतिमाएं मिली हैं। वहीं स्वतंत्र शोधकर्ताओं द्वारा भी आसपास के क्षेत्रों से रावण की मूर्तियां मिलने की जानकारी सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र अतीत में किसी विशेष सांस्कृतिक या धार्मिक परंपरा का केंद्र रहा हो सकता है, जहां रावण को सम्मान के साथ देखा जाता था।
Ravana Idols Discovery वैज्ञानिक जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक उम्र
मूर्तियों की वास्तविक आयु और ऐतिहासिक महत्व का पता लगाने के लिए कार्बन डेटिंग, शिलालेख अध्ययन और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये प्रतिमाएं किस कालखंड की हैं और उनका ऐतिहासिक संदर्भ क्या है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस खोज से दक्षिण भारत के सांस्कृतिक इतिहास से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।





