Aaj ka Panchang: 22 मई 2026, शुक्रवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। पंचांग के अनुसार आज वृद्धि योग और अश्लेषा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, जिसका प्रभाव कई शुभ कार्यों पर पड़ सकता है।
यदि आप विवाह, गृह प्रवेश, पूजा-पाठ, निवेश, यात्रा या किसी नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो आज का पंचांग आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। आइए जानते हैं 22 मई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अन्य ज्योतिषीय जानकारी।
आज की तिथि और पक्ष
आज शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 06:24 बजे तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा, जो 23 मई की सुबह 05:04 बजे तक जारी रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी।
आज का नक्षत्र और योग
आज अश्लेषा नक्षत्र देर रात 02:08 बजे तक रहेगा। इसके बाद मघा नक्षत्र का आरंभ होगा। वहीं वृद्धि योग सुबह 08:19 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ध्रुव योग शुरू होगा। ज्योतिष शास्त्र में वृद्धि योग को शुभ और उन्नति देने वाला माना जाता है।
आज के करण
आज तैतिल करण सुबह 06:24 बजे तक रहेगा। इसके बाद गर करण शाम 05:38 बजे तक रहेगा। फिर वणिज करण 23 मई की सुबह 05:04 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद विष्टि करण शुरू होगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
22 मई 2026 को सूर्योदय सुबह 05:45 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 06:33 बजे होगा। दिन की कुल अवधि लगभग 12 घंटे 48 मिनट की रहेगी।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
आज चंद्रोदय सुबह 11:14 बजे होगा। वहीं चंद्रास्त 23 मई की रात 12:04 बजे होगा। चंद्रमा आज देर रात तक कर्क राशि में रहेंगे, जिसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
शुभ मुहूर्त
आज का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। यह समय किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:15 बजे से 05:00 बजे तक रहेगा। इस समय पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है।
गोधूलि मुहूर्त शाम 06:32 बजे से 06:55 बजे तक रहेगा। यह समय विशेष रूप से धार्मिक कार्यों और पूजा के लिए उपयुक्त माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय
आज राहुकाल सुबह 10:33 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
यमगण्ड काल दोपहर 03:21 बजे से शाम 04:57 बजे तक रहेगा। वहीं गुलिक काल सुबह 07:21 बजे से 08:57 बजे तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त का पहला चरण सुबह 08:18 बजे से 09:10 बजे तक रहेगा, जबकि दूसरा चरण दोपहर 12:35 बजे से 01:26 बजे तक प्रभावी रहेगा।
आज की चंद्र और सूर्य राशि
चंद्रमा आज देर रात 02:08 बजे तक कर्क राशि में गोचर करेंगे, इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं सूर्य वर्तमान में वृषभ राशि में स्थित हैं।
दिशा शूल
आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा। ज्योतिष मान्यता के अनुसार यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करनी जरूरी हो, तो यात्रा शुरू करने से पहले दही या घी का सेवन करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कैसा रहेगा दिन
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वृद्धि योग और अश्लेषा नक्षत्र का संयोग आर्थिक मामलों, निवेश, व्यापार और पारिवारिक कार्यों के लिए लाभकारी रह सकता है। हालांकि राहुकाल और दुर्मुहूर्त के समय शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।





