Bhopal मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं और भावी गतिविधियों की एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। बैठक में स्कूल शिक्षा व परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई युगांतकारी निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम में उज्जैन के प्रतापी राजा सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को शामिल किया जाए और गुरु सांदीपनि के जीवन पर एक रोचक पुस्तक तैयार की जाए। इसके साथ ही, आधुनिक युग की मांग को देखते हुए कक्षा ८वीं से १२वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल विकास की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
Bhopal ‘शिक्षा घर योजना’ को मिली हरी झंडी, पढ़ाई छोड़ चुके युवाओं को मिलेगा पास होने का मौका
बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव द्वारा प्रस्तुत की गई ‘शिक्षा घर योजना’ को मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस अनूठी और जनकल्याणकारी योजना के तहत उन किशोर-किशोरियों और युवाओं को दोबारा पढ़ाई पूरी करने का सुनहरा अवसर दिया जाएगा, जिन्होंने कक्षा ८वीं या उसके बाद अनुत्तीर्ण (फेल) होने के कारण स्कूल छोड़ दिया था। मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित होने वाली इस योजना का दायरा पूरे सूबे की ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों तक फैला होगा, जिससे ड्रॉप-आउट युवाओं को सीधे तौर पर हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण करने का मौका मिलेगा।
Bhopal सरकारी स्कूलों में दाखिले की दर 32.4% बढ़ी, 100% रिजल्ट देने वाले शिक्षक होंगे सम्मानित
Bhopal बैठक में सामने आया कि सरकार के प्रयासों से वर्ष २०२५-२६ के दौरान शासकीय स्कूलों की कक्षा पहली में रिकॉर्ड ३२.४ प्रतिशत और कक्षा ९वीं से १२वीं में ४.२५ प्रतिशत नामांकन (एडमिशन) की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने परीक्षा परिणामों को और बेहतर करने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के जिन २६ सरकारी स्कूलों का रिजल्ट शत-प्रतिशत (१००%) रहा है, वहां के शिक्षकों का सार्वजनिक मंच पर सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही ९० से ९५ प्रतिशत से अधिक परिणाम देने वाली शालाओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
Bhopal पहली बार साथ दिखेंगे दो बड़े विभाग, 1 जुलाई से शुरू होगा ‘शिक्षक वंदना कार्यक्रम’
सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर छोटे बच्चों की शुरुआती पढ़ाई का मजबूत आधार तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि १६ जून से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूलों की मरम्मत, बाउंड्री वॉल निर्माण और अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया हर हाल में १ जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। इसके अलावा, १ जुलाई से गुरु पूर्णिमा (२९ जुलाई) तक पूरे प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों की मौजूदगी में “शिक्षक वंदना कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया जाएगा। स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा, एनसीसी, स्वास्थ्य परीक्षण और ड्राइविंग लाइसेंस कैंप जैसी सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी।
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