Chamoli में जंगल की आग बुझाते समय फायर वॉचर की मौत, मुआवजे की मांग

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Report by: Neeraj Kandari

Chamoli: उत्तराखंड के चमोली जिले में जंगल की आग बुझाने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। बद्रीनाथ वन प्रभाग के बिरही क्षेत्र में आग पर काबू पाने गए एक फायर वॉचर की चट्टान से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव करते हुए मृतक के परिवार के लिए मुआवजा और पत्नी को नौकरी देने की मांग की है।

Chamoli: जंगलों में लगातार बढ़ रही आग की घटनाएं

चमोली जनपद में इन दिनों कई क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। आग की वजह से कई इलाकों में धुआं और धुंध फैल गई है, जिससे स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग समय रहते आग पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।

Chamoli: आग बुझाने के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार बद्रीनाथ वन प्रभाग की टीम देर रात बिरही क्षेत्र में लगी जंगल की आग बुझाने पहुंची थी। इसी दौरान फायर वॉचर राजेंद्र सिंह आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे।

बताया गया कि आग बुझाने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह चट्टान से नीचे गिर गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

Chamoli: आठ वर्षों से कर रहे थे सेवा

मृतक राजेंद्र सिंह की उम्र करीब 43 वर्ष बताई जा रही है। वह पाखी-जलग्वाड़ गांव के निवासी थे और पिछले लगभग आठ वर्षों से फायर वॉचर के रूप में कार्यरत थे।

परिजनों के अनुसार राजेंद्र सिंह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है।

Chamoli: ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण वन विभाग कार्यालय पहुंचे। नाराज लोगों ने अधिकारियों का घेराव करते हुए सरकार और वन विभाग से तत्काल सहायता की मांग की।

Chamoli

ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।

Chamoli: वन विभाग पर उठे सवाल

इस घटना के बाद जंगल की आग से निपटने के लिए वन विभाग की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फायर वॉचर्स को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ती है।

लोगों ने मांग की है कि जंगलों में आग बुझाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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