BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का प्रकोप चरम पर है। पारा ४५ डिग्री सेल्सियस को छू रहा है, लेकिन इस जानलेवा गर्मी के बीच शहर का एक बड़ा हिस्सा पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा है। नाका चंद्रवदनी इलाके के बजरंग नगर और देव नगर में पिछले पांच दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे हजारों की आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने को मजबूर है।
Gwalior तिघरा बांध से ठप हुई सप्लाई, हजारो लोग झेल रहे परेशानी
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इस पूरे क्षेत्र में तिघरा बांध (Tighra Dam) के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जाती है। लेकिन पिछले पांच दिनों से नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं आई है। भीषण गर्मी के इस मौसम में अचानक पानी बंद हो जाने से गृहणियों से लेकर कामकाजी लोगों तक का पूरा रूटीन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग निजी टैंकरों और दूर-दराज के हैंडपंपों से पानी ढोने को मजबूर हैं।

Gwalior पाइपलाइन में खराबी बनी वजह, नगर निगम प्रशासन बेखबर
क्षेत्र में पानी न आने का मुख्य कारण मुख्य जल वितरण लाइन (पाइपलाइन) में आई खराबी को बताया जा रहा है। गंभीर बात यह है कि पाँच दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम प्रशासन ने जमीनी स्तर पर सुध लेना मुनासिब नहीं समझा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम का अमला जनता की इस बुनियादी समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है और मरम्मत कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है।
Gwalior जिम्मेदार अधिकारियों ने बंद किए फोन, जनता में भारी आक्रोश
४५ डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी में बिना पानी के रह रहे लोगों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि जब वे अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों को फोन लगा रहे हैं, तो उन्होंने अपने मोबाइल फोन तक बंद कर लिए हैं। जनता की तकलीफों से मुंह मोड़ने वाले इन अफसरों के रवैये के खिलाफ अब क्षेत्रवासियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।





