Aaj Ka Panchang: 21 मई 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार को ज्ञान, सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक उन्नति और धर्म का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों में स्थिरता और सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही गुरुवार को पूजा-पाठ, दान और मंत्र जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
आज की तिथि और पंचांग विवरण
आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गणेश जी की आराधना करने से बुद्धि, सफलता और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
आज का पंचांग इस प्रकार है:
- दिन: गुरुवार
- मास: ज्येष्ठ मास
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: चतुर्थी
- विक्रम संवत: 2083
- ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
- सूर्य राशि: वृषभ
- सूर्योदय: सुबह लगभग 05:31 बजे
- सूर्यास्त: शाम लगभग 07:25 बजे
पुनर्वसु नक्षत्र का रहेगा प्रभाव
आज पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और चंद्रमा मिथुन राशि में संचरण करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में पुनर्वसु नक्षत्र को नई शुरुआत, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक माना गया है।
इस नक्षत्र में व्यक्ति को पुराने कार्यों में सुधार करने, नई योजनाएं शुरू करने और जीवन में नई दिशा पाने का अवसर मिल सकता है। यह समय मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जाता है।
वृद्धि योग और करण का शुभ संयोग
आज वृद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसे उन्नति और सफलता प्रदान करने वाला योग माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्य लंबे समय तक लाभ देने वाले साबित हो सकते हैं।
आज के करण इस प्रकार रहेंगे:
- विष्टि (भद्रा)
- बव
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार वृद्धि योग में किए गए कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना अधिक रहती है।
आज के शुभ मुहूर्त
यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, निवेश की योजना बना रहे हैं या पूजा-पाठ करना चाहते हैं, तो आज कुछ विशेष शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।
अभिजीत मुहूर्त:
11:51 AM से 12:40 PM तक
अमृत काल:
08:05 AM से 09:40 AM तक
इन समयों को शुभ और लाभकारी माना गया है।
राहुकाल और अन्य अशुभ समय
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल और कुछ अन्य समय को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता। ऐसे समय में नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज के अशुभ समय:
- राहुकाल: 01:30 PM से 03:00 PM तक
- गुलिक काल: 09:00 AM से 10:30 AM तक
- यमगण्ड काल: 06:00 AM से 07:30 AM तक
चतुर्थी तिथि का धार्मिक महत्व
ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से बुद्धि, विवेक और सफलता प्राप्त होती है। साथ ही जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भी यह दिन शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य और मंत्र जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक शांति मिलती है।
गुरुवार के उपाय देंगे शुभ फल
आज के दिन कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और गणेश जी की कृपा प्राप्त हो सकती है।
- भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें
- “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें
- पीली दाल या केले का दान करें
- जरूरतमंद लोगों की सहायता करें
इन उपायों को करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है।
सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का संकेत
21 मई 2026 का पंचांग सकारात्मक सोच, धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। आज का दिन पुराने कार्यों को सुधारने, नई योजनाओं पर काम शुरू करने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
भगवान गणेश और भगवान विष्णु की कृपा से यह दिन कई लोगों के लिए शुभ और फलदायी साबित हो सकता है।





