BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई मिली है। इटली की राजधानी रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने के साथ-साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के सर्वोच्च स्तर पर ले जाने का एलान किया।
New Delhi दो महान सभ्यताओं का मिलन: रोम और काशी की तुलना
साझा बयान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली में मिले भव्य स्वागत के लिए पीएम मेलोनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक महत्व को जोड़ते हुए कहा कि रोम को दुनिया में ‘शाश्वत शहर’ (Eternal City) के रूप में जाना जाता है, और भारत में उनका संसदीय क्षेत्र काशी (वाराणसी) भी इसी प्राचीन गौरव के लिए पहचाना जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि जब दो प्राचीन सभ्यताएं मिलती हैं, तो उनके बीच संवाद केवल औपचारिक एजेंडे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसमें इतिहास की गहराई और भविष्य की एक मजबूत झलक दिखाई देती है।
New Delhi 26 साल बाद ऐतिहासिक द्विपक्षीय यात्रा, मेलोनी ने की पीएम मोदी की तारीफ
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस मुलाकात को दोनों देशों के इतिहास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि साल 2000 के बाद यानी पूरे 26 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इटली में यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। मेलोनी ने पीएम मोदी के नेतृत्व, उनके दूरदर्शी विज़न और भारत की जनता के बीच उनकी अपार लोकप्रियता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास और सम्मान ने इस कूटनीतिक दूरी को पाटने में बड़ी भूमिका निभाई है।
New Delhi आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग पर कड़ा प्रहार
इस साझा बयान का सबसे अहम रणनीतिक हिस्सा आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों का एकजुट होना रहा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक बड़ा खतरा है और जिम्मेदार लोकतांत्रिक देश केवल इसकी निंदा करके शांत नहीं बैठ सकते, बल्कि इसके खिलाफ ठोस एक्शन जरूरी है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि इटली इस लड़ाई में और विशेष रूप से टेरर फाइनेंसिंग (आतंकवाद के वित्तीय पोषण) को रोकने के लिए भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।
संयुक्त बयान की 10 बड़ी बातें:
- ऐतिहासिक द्विपक्षीय दौरा: 26 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक इटली यात्रा है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में नया मोड़ आया है।
- विशेष रणनीतिक साझेदारी: भारत और इटली के संबंध अब तक के सबसे सर्वोच्च स्तर यानी ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (Special Strategic Partnership) में बदल गए हैं।
- आतंकवाद पर साझा प्रहार: दोनों देशों ने आतंकवाद को मानवता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- टेरर फाइनेंसिंग पर घेराबंदी: आतंकवाद को मिलने वाले आर्थिक सहयोग (Terror Financing) के खिलाफ इटली ने भारत का खुलकर साथ देने का एलान किया है।
- रोम और काशी का सांस्कृतिक जुड़ाव: पीएम मोदी ने ‘इटरनल सिटी’ रोम की तुलना भारत के ऐतिहासिक शहर काशी से करते हुए दोनों देशों के सांस्कृतिक मूल्यों को रेखांकित किया।
- साढ़े तीन साल में 7 मुलाकातें: पीएम मेलोनी ने बताया कि पिछले 3.5 वर्षों में पीएम मोदी के साथ उनकी यह 7वीं मुलाकात है, जो दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे आपसी तालमेल को दर्शाती है।
- रक्षा सहयोग में इजाफा: दोनों राष्ट्रों के बीच रणनीतिक और रक्षा क्षेत्र (Defense Cooperation) में सहयोग पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है।
- इनोवेशन सेंटर पर काम: तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए दोनों देश मिलकर ‘भारत-इटली इनोवेशन सेंटर’ की स्थापना पर तेजी से काम कर रहे हैं।
- पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना: इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने व्यक्तिगत रूप से नरेंद्र मोदी के व्यावहारिक दृष्टिकोण और लंबे समय तक सरकार चलाने के बाद भी उनकी लोकप्रियता की प्रशंसा की।
- पूरी क्षमता का उपयोग: दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि भारत और इटली अब पहले से कहीं अधिक करीब आ चुके हैं और यह दोस्ती दोनों देशों के आर्थिक व सामाजिक विकास की पूरी क्षमता को उजागर करेगी।
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