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New Delhi भारत की बढ़ी सैन्य ताकत: ब्रह्मोस के बाद अब आया ‘सूर्यास्त्र’, 300 किमी दूर बैठे दुश्मन के ठिकाने भी सुरक्षित नहीं

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New Delhi भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी सैन्य ताकत के क्षेत्र में बुधवार को एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की गई। देश की निजी क्षेत्र की अग्रणी रक्षा कंपनी ‘निबे लिमिटेड’ (Nibe Limited) ने रक्षा क्षेत्र में अपनी बड़ी धमक दिखाते हुए ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से किया गया यह परीक्षण रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, जिसने पड़ोसी मुल्कों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

New Delhi अचूक सटीकता के दो वेरिएंट: पलक झपकते ही कमांड सेंटर होंगे तबाह

New Delhi परीक्षण के दौरान कंपनी ने सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम के दो अलग-अलग वेरिएंट्स का लाइव टेस्ट किया। इनमें से एक की मारक क्षमता 150 किलोमीटर और दूसरे की 300 किलोमीटर आंकी गई है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, दोनों ही वेरिएंट्स ने अपने लक्ष्यों पर बेहद सटीक निशाना साधा। मिसाइल जगत में सटीकता के कड़े पैमाने यानी ‘सर्कुलर एरर प्रोबेबल’ (CEP) के तहत दोनों रॉकेट्स की सटीकता क्रमशः मात्र 1.5 मीटर और 2 मीटर दर्ज की गई, जो सैन्य दृष्टिकोण से अत्यंत घातक और विनाशकारी मानी जाती है।

New Delhi क्या है ‘सूर्यास्त्र’ और क्यों है यह पारंपरिक तोपों से अलग?

सूर्यास्त्र एक ‘लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम’ है, जिसे आधुनिक युद्ध शैली को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह पारंपरिक तोपों की तरह सिर्फ साधारण गोले नहीं दागता, बल्कि इसमें एडवांस्ड नेविगेशन, गाइडेंस और अत्याधुनिक कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सीमा पार या युद्ध क्षेत्र में दुश्मन के अहम ठिकानों, जैसे उनकी अग्रिम चौकियों, रडार स्टेशनों, कमांड सेंटरों और लॉजिस्टिक्स हब को काफी अंदर तक घुसकर पूरी सटीकता के साथ नेस्तनाबूद करना है।

New Delhi सैनिकों को जोखिम से बचाएगा ‘सूर्यास्त्र’, पाकिस्तान की बढ़ी चिंता

इस रॉकेट सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लंबी दूरी तक अपनी अचूक मारक क्षमता बनाए रखता है, जिससे भारतीय सेना को दुश्मन की सीमा के काफी पीछे स्थित रणनीतिक ठिकानों को तबाह करने की ताकत मिलेगी। इसके इस्तेमाल से भारतीय जवानों को सीधे तौर पर सीमा के पास जाकर जोखिम उठाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रणाली दुश्मन के एयर डिफेंस और सैन्य स्ट्रक्चर को पूरी तरह पंगु बनाने में सक्षम है, जिसने सामरिक संतुलन को भारत के पक्ष में और मजबूत कर दिया है। इसी कारण सीमा पार पाकिस्तान के रक्षा नीति-निर्माताओं के बीच चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

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