Jamtara जामताड़ा में प्रशासनिक लापरवाही पर फूटा गुस्सा: जनगणना मैपिंग में भारी गड़बड़ी, गलत पंचायत में जोड़े नाम, ग्रामीणों का ब्लॉक ऑफिस में प्रदर्शन

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Report: Ratan kumar

Jamtara झारखंड के जामताड़ा जिले में जनगणना मैपिंग (Census Mapping) के काम में हुई एक बड़ी प्रशासनिक चूक के खिलाफ ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला है। दक्षिण बहाल पंचायत के अंतर्गत आने वाले नवाडीह गांव के सैकड़ों ग्रामीण गुरुवार को एकजुट होकर जामताड़ा प्रखंड कार्यालय (ब्लॉक ऑफिस) पहुंचे और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने इस पूरी गड़बड़ी के खिलाफ प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को एक लिखित मांग पत्र सौंपा और मामले की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

Jamtara 70 फीसदी आबादी का नाम गलत पंचायत में दर्ज, भविष्य के दस्तावेजों पर संकट

Jamtara नवाड़ीह गांव के ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि डिजिटल जनगणना मैपिंग के दौरान घोर लापरवाही बरती गई है। कर्मचारियों ने बिना जमीनी हकीकत जाने गांव के अधिकांश लोगों के नाम दूसरी और गलत पंचायत के रिकॉर्ड में दर्ज कर दिए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, इस तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटि की वजह से गांव की ७० प्रतिशत से अधिक आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। लोगों को डर है कि अगर समय रहते इस गलती को नहीं सुधारा गया, तो भविष्य में उन्हें स्थानीय निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मतदाता सूची और अन्य जरूरी सरकारी कागजात बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

Jamtara कई बार की शिकायत, पर सोता रहा अमला; थक-हारकर सड़कों पर उतरे ग्रामीण

प्रखंड कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि यह गलती अचानक सामने आई है। इस गड़बड़ी को लेकर वे पहले भी कई बार स्थानीय अधिकारियों और संबंधित विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक अमला कुंभकर्णी नींद सोया रहा और समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों की इसी टालमटोल वाली नीति और उदासीनता से तंग आकर आखिरकार ग्रामीणों को अपने काम-काज छोड़कर ब्लॉक मुख्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

Jamtara उग्र आंदोलन और सरकारी योजनाओं के बहिष्कार की चेतावनी, इलाके में चर्चा का माहौल

ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन और जिला कलेक्ट्रेट को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय के भीतर इस डिजिटल डेटा और मैपिंग की त्रुटि को ठीक नहीं किया गया, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। इसके साथ ही ग्रामीणों ने आगामी सरकारी प्रक्रियाओं के बहिष्कार की भी बात कही है। इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद से पूरे जामताड़ा प्रखंड क्षेत्र में डिजिटल मैपिंग के तौर-तरीकों और सरकारी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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