Iran War Crisis: भारत समेत पूरी दुनिया की नजर इस समय पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर टिकी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लगातार दूसरी बार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, तेल की खपत कम करने और सोना खरीदने से बचने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ता है तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ सकता है।
Iran War Crisis: पश्चिम एशिया संकट को लेकर पीएम मोदी की चिंता
गुजरात के वडोदरा में लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने हर बड़े संकट का सामना जनता के सहयोग से किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा पश्चिम एशिया संकट इस दशक के सबसे गंभीर संकटों में से एक बन सकता है। पीएम ने भरोसा जताया कि जिस तरह देश ने कोरोना महामारी का सामना किया था, उसी तरह इस चुनौती से भी बाहर निकल जाएगा।
प्रधानमंत्री ने लोगों से जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने और संसाधनों की बचत करने की अपील की।
Iran War Crisis: कोरोनाकाल जैसे उपाय अपनाने की सलाह
इससे पहले हैदराबाद में पीएम मोदी ने लोगों से कोरोना काल के दौरान अपनाए गए उपायों को फिर से अमल में लाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लास और वर्चुअल मीटिंग जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं। उनका मानना है कि इससे ईंधन की खपत कम होगी और देश पर आर्थिक दबाव घटेगा।
Iran War Crisis: पेट्रोल-डीजल बचाने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील करते हुए कहा कि लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करें। उन्होंने कहा कि भारत को तेल आयात पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है और मौजूदा हालात में इसका असर और बढ़ सकता है।
पीएम ने कहा कि अगर हर परिवार थोड़ा भी ईंधन बचाता है तो देश को बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है।
Iran War Crisis: सोना खरीदने से बचने की सलाह
प्रधानमंत्री ने लोगों से फिलहाल सोने की खरीदारी टालने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। ऐसे समय में गैरजरूरी आयात कम करना देशहित में जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए, जिनमें विदेशी मुद्रा का अधिक खर्च होता हो।
Iran War Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव से भारत पर पड़ सकता है असर
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के प्रस्ताव को ठुकराने और कड़े सैन्य कार्रवाई के संकेत देने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। वहीं इजरायल की ओर से भी हमले के संकेत दिए गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अगर युद्ध शुरू हुआ तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है।
Iran War Crisis: किसानों से फर्टिलाइजर कम इस्तेमाल करने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से रासायनिक खाद का इस्तेमाल 50 फीसदी तक कम करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि इससे जमीन की उर्वरक क्षमता बढ़ेगी, अनाज की गुणवत्ता सुधरेगी और किसानों को खाद की कमी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सरकार का मानना है कि आयातित खाद पर निर्भरता कम करना भी देश की आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी कदम है।
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