Iran US Conflict: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के नए सीजफायर प्रस्ताव को “बेवकूफी भरा” बताते हुए खारिज कर दिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के प्रस्ताव से अमेरिका पर किसी तरह का दबाव नहीं पड़ेगा। इसी बीच पाकिस्तान को लेकर आई एक रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने के लिए ईरानी विमानों को अपने एयरफील्ड्स पर पार्क करने की अनुमति दी थी। इस खुलासे के बाद अमेरिका में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
Iran US Conflict: ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को किया खारिज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से आए नए सीजफायर प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी दबाव में आने वाला नहीं है और उन्होंने ईरान पर अमेरिका की “पूर्ण विजय” की भविष्यवाणी भी कर दी।
ट्रंप के बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इजरायल और अमेरिका पहले ही ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपना चुके हैं।
Iran US Conflict: पाकिस्तान पर ईरानी विमानों को शरण देने का आरोप
एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने ईरानी विमानों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए अपने एयरफील्ड्स पर खड़ा करने की अनुमति दी थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने का दावा कर रहा था, लेकिन पर्दे के पीछे उसने ईरान की मदद की।
यह दावा सामने आने के बाद पाकिस्तान की निष्पक्ष भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Iran US Conflict: CBS रिपोर्ट में बड़ा दावा
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ईरान ने अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए अपने कुछ विमानों को पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर भेजा था। इनमें एक टोही और खुफिया विमान भी शामिल बताया गया है।
इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने अपने कुछ नागरिक विमानों को अफगानिस्तान में भी पार्क किया था ताकि उन्हें संभावित हमलों से बचाया जा सके।
Iran US Conflict: पाकिस्तानी अधिकारी ने दावों को बताया गलत
हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन दावों को खारिज कर दिया गया है। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि नूर खान एयरबेस शहर के बीचोंबीच स्थित है और वहां बड़ी संख्या में विमानों को छिपाना संभव नहीं है।
पाकिस्तानी अधिकारी का कहना है कि रिपोर्ट में किए गए दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और पाकिस्तान किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं कर रहा।
Iran US Conflict: ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम भड़के
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham ने पाकिस्तान की भूमिका पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर यह रिपोर्ट सही है, तो अमेरिका को ईरान और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका का दोबारा मूल्यांकन करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल को लेकर पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के पुराने बयानों को देखते हुए उन्हें इस तरह की खबर पर हैरानी नहीं होगी।
Iran US Conflict: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बढ़ सकती है कूटनीतिक चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रिपोर्ट में किए गए दावे सही साबित होते हैं, तो अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। वहीं मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को और जटिल बना सकता है।





