EPF Pension: ईपीएफ पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों की पेंशन निर्धारण प्रक्रिया को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ ने सम्पूर्ण सेवाकाल की औसत वेतन के आधार पर पेंशन तय करने के प्रस्तावित निर्णय का कड़ा विरोध किया है। संघ का कहना है कि यह फैसला कर्मचारियों के हितों के खिलाफ और श्रमिक विरोधी मानसिकता को दर्शाने वाला है।
संघ के अध्यक्ष इंजी. सुधीर नायक ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पेंशन को किसी बचत योजना की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा मानवीय विषय है।
EPF Pension: पेंशन निर्धारण के नए तरीके पर आपत्ति
संघ ने कहा कि अब तक अधिकांश पेंशन योजनाओं में अंतिम वेतन या अंतिम वर्ष की औसत वेतन के आधार पर पेंशन निर्धारित की जाती रही है। लेकिन सम्पूर्ण सेवाकाल की औसत वेतन को आधार बनाकर पेंशन तय करने का प्रस्ताव कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि सेवाकाल के शुरुआती वर्षों में कर्मचारियों का वेतन कम होता है। ऐसे में पूरे करियर की औसत वेतन निकालने से पेंशन राशि काफी कम हो जाएगी, जिसका सीधा नुकसान कर्मचारियों को उठाना पड़ेगा।
EPF Pension: “पेंशन कोई बचत स्कीम नहीं”
इंजी. सुधीर नायक ने कहा कि पेंशन को बचत योजना की तरह नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंशन पर होने वाला खर्च सरकार के लिए एक सामाजिक निवेश है और इसे अनुत्पादक व्यय नहीं माना जाना चाहिए।
उनके अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और संस्थाओं की जिम्मेदारी है। ऐसे में पेंशन में कटौती जैसे निर्णय कर्मचारी हितों के विपरीत हैं।
EPF Pension: ट्रेड यूनियनों से एकजुट होने की अपील
मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ ने इस मुद्दे पर सभी ट्रेड यूनियनों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील की है। संघ ने स्पष्ट किया कि ईपीएफ पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारियों और उनके प्रतिनिधि संगठनों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
संघ का कहना है कि यह फैसला श्रमिक विरोधी और सामंती सोच को दर्शाता है। इसलिए सभी कर्मचारी संगठनों को मिलकर इसका विरोध करना चाहिए ताकि कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
EPF Pension: कर्मचारी हितों की रक्षा की मांग
संघ ने मांग की है कि पेंशन निर्धारण की वर्तमान व्यवस्था में किसी भी प्रकार का ऐसा बदलाव न किया जाए जिससे कर्मचारियों की पेंशन कम हो। साथ ही सरकार से कर्मचारी हितों को प्राथमिकता देने की अपील भी की गई है।
मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ का कहना है कि कर्मचारियों की पूरी जिंदगी की मेहनत और सेवा को देखते हुए उन्हें सम्मानजनक पेंशन मिलना जरूरी है।





