Solar Energy : 10 लाख से ज्यादा किसानों को होगा बड़ा फायदा,किसानों को दिन में भी होगी बिजली की आपूर्ति
Solar Energy : ‘सोलर क्रांति’ के माध्यम से भारत के किसान न केवल अन्नदाता, बल्कि ‘ऊर्जादाता’ भी बन रहे हैं।मध्यप्रदेश अब ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी क्रांति की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार की नई रणनीति के तहत अब किसानों के खेतों और ग्रामीण इलाकों के पास ही सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन होगा और किसानों को दिन में निर्बाध बिजली मिल सकेगी। राज्य में ‘कृषि मित्र सूर्य फीडर योजना’ के तहत 4,022 मेगावाट क्षमता की विकेंद्रीकृत सोलर परियोजनाओं के लिए पीपीए साइन किए गए हैं। ये परियोजनाएं 493 सबस्टेशनों से जुड़े कृषि फीडर्स को सौर ऊर्जा से जोड़ कर बिजली खेतों के आसपास ही विकसित होंगी, जहां 1.6 मेगावाट से लेकर 18 मेगावाट तक के सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
Solar Energy : सरकार का दावा है कि खेतों के पास बिजली उत्पादन होने से ट्रांसमिशन लॉस कम होगा और किसानों को दिन के समय स्थायी बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। इससे सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या भी घटेगी।योजना के तहत सौर ऊर्जा से किसानों को 2.40 से 2.85 रुपये प्रति यूनिट तक सस्ती बिजली मिलने की संभावना जताई जा रही है।राज्य सरकार का लक्ष्य करीब 8 लाख कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।
Solar Energy : इसके साथ ही मध्यप्रदेश सरकार बजट 2026-27 में 1 लाख नए सोलर पंप देने का भी ऐलान कर चुकी है।किसानों को पीएम-कुसुम योजना के तहत 90 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिल रहा है, जिससे खेती की लागत घटाने पर जोर दिया जा रहा है।लोकल जनरेशन-लोकल सप्लाई मॉडल से गांव ऊर्जा आत्मनिर्भर बनेंगे और राज्य तेजी से ग्रीन पावर स्टेट की दिशा में आगे बढ़ेगा।इतना ही नहीं योजना से किसानों को केवल सस्ती बिजली ही नहीं मिलेगी बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी। 10 लाख कृषि पंप सौर ऊर्जा से चलेंगे। दिन में सिंचाई के लिये भरोसेमंद बिजली मिलेगी, जमीन लीज पर देने से सालाना करीब 50 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय भी होगी।
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