Report by: Sunil Sonker
Mussoorie Sewerage Crisis: Mussoorie में सीवरेज की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। पहाड़ों की रानी कहलाने वाले इस पर्यटन स्थल में अब खुले नालों में बहता गंदा पानी स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। ताजा मामला मसूरी के जेपी बेंड क्षेत्र का है, जहां कुछ होटल संचालकों पर सीवरेज का पानी सीधे खुले नालों में छोड़ने के आरोप लगे हैं।
Mussoorie Sewerage Crisis: खुले नालों में छोड़ा जा रहा सीवरेज
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ होटल संचालक कथित रूप से अपने होटल का गंदा पानी खुले नालों में बहा रहे हैं। यह पानी मुख्य सड़क से होकर बहते हुए धोबी घाट स्थित जल स्रोत तक पहुंच रहा है। इससे इलाके में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है।
Mussoorie Sewerage Crisis: राहगीरों और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी
क्षेत्रवासियों के मुताबिक, सड़क किनारे बहते गंदे पानी के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेज बहाव के दौरान गंदे पानी की छींटें लोगों के कपड़ों तक पर पड़ रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
Mussoorie Sewerage Crisis: पेयजल स्रोत तक पहुंचा दूषित पानी

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह सीवरेज युक्त पानी धोबी घाट के उस मुख्य जल स्रोत तक पहुंच रहा है, जहां से Garhwal Jal Sansthan द्वारा मसूरी के कई इलाकों में पेयजल सप्लाई की जाती है। स्थानीय लोगों ने दूषित पानी की आपूर्ति होने की आशंका जताते हुए स्वास्थ्य संबंधी खतरे पर चिंता व्यक्त की है।
Mussoorie Sewerage Crisis: प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जल संस्थान से मांग की है कि खुले नालों में सीवरेज छोड़ने वाले होटल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सीवरेज सिस्टम को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
Mussoorie Sewerage Crisis: जल संस्थान ने लिया मामले का संज्ञान
मामले पर Amit Kumar ने कहा कि मामला पहले उनके संज्ञान में नहीं था, लेकिन अब उन्होंने पूरे प्रकरण का संज्ञान ले लिया है। उन्होंने बताया कि इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया जाएगा और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
Mussoorie Sewerage Crisis: नियमों के तहत होगी कार्रवाई
अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने कहा कि खुले नालों में सीवरेज छोड़ने वालों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।





