Report: Sanjeev kumar
Bokaro बोकारो पुलिस विभाग में हुए करोड़ों रुपये के वेतन निकासी घोटाले की परतों को खोलने के लिए प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। शुक्रवार को उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अमिताभ कौशल बोकारो पहुंचे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में जिले के आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 10 करोड़ से अधिक की अवैध निकासी के मामले में अब तक हुई जांच और आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार करना है।
Bokaro अधिकारियों के साथ मंथन: जांच की प्रगति पर हुई चर्चा
सर्किट हाउस में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में बोकारो के उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी), उप विकास आयुक्त (डीडीसी), डीएसपी और कोषागार (ट्रेजरी) अधिकारी शामिल हुए। प्रधान सचिव ने कोषागार से हुई इस बड़ी राशि की गलत निकासी के तकनीकी पहलुओं और इसमें शामिल संभावित संलिप्तता की गहन समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गबन की गई राशि की रिकवरी और साक्ष्य संकलन में तेजी लाएं।
Bokaro क्या है पूरा मामला: अकाउंटेंट और सहयोगियों पर गंभीर आरोप
यह पूरा मामला बोकारो पुलिस विभाग के वेतनमान वितरण में हुई धांधली से जुड़ा है। आरोप है कि विभाग के अकाउंटेंट और उनके करीबियों ने मिलीभगत कर वेतन के नाम पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अवैध तरीके से सरकारी खजाने से निकाल ली। इस घोटाले के उजागर होने के बाद से ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है और ट्रेजरी के कामकाज पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
Bokaro गिरफ्तारियों का सिलसिला: सीआईडी के शिकंजे में आरोपी
इस बड़े वित्तीय अपराध के खिलाफ पुलिस और सीआईडी की कार्रवाई निरंतर जारी है। मामले की शुरुआत में बोकारो पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशल पांडे को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच का जिम्मा संभाल रही सीआईडी (CID) ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए कौशल के तीन अन्य सहयोगियों को भी दबोच लिया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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