Report: Somnath mishra
Jabalpur : बरगी बांध क्रूज हादसे के पीड़ितों की मदद करने के बजाय उनसे मोटी रकम वसूलने वाले गौर तिराहा स्थित नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पर जिला प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखने के इस मामले में कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस एक माह के लिए सस्पेंड कर दिया है।

Jabalpur अमानवीयता: मामूली इंजेक्शन के वसूले 4700 रुपये
बरगी हादसे के बाद रेस्क्यू कर लाई गई घायल महिला सविता शर्मा को प्राथमिक उपचार के लिए नोबल अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने आपदा की इस घड़ी में संवेदनहीनता का परिचय दिया:

- महिला को केवल एक पेन किलर और टिटनस का इंजेक्शन लगाया गया था।
- इस सामान्य उपचार के बदले अस्पताल ने मरीज के परिजनों को 4700 रुपये का बिल थमा दिया।
- जब पूरा प्रशासनिक अमला जिंदगियां बचाने में लगा था, तब अस्पताल की इस मुनाफाखोरी ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं।
Jabalpur प्रशासन का कड़ा रुख: लाइसेंस सस्पेंड और भर्ती पर पाबंदी
इस अमानवीय व्यवहार की शिकायत जब जिला प्रशासन तक पहुँची, तो CMHO डॉ. नवीन कोठारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए:

- निलंबन: नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है।
- नई भर्ती पर रोक: अस्पताल में अब किसी भी नए मरीज को भर्ती नहीं किया जा सकेगा।
- उपचाराधीन मरीज: वर्तमान में भर्ती मरीजों का इलाज पूरा कर उन्हें डिस्चार्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
Jabalpur आपदा प्रबंधन अधिनियम के उल्लंघन पर नोटिस
प्रशासन ने इस कृत्य को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का स्पष्ट उल्लंघन माना है। अस्पताल प्रबंधन को 7 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। यदि अस्पताल का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन को पीड़ित परिवार से वसूली गई पूरी राशि वापस करनी पड़ी है।
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