रिपोर्ट: विजय अहिरवार
Guna मध्यप्रदेश के गुना जिले के बमोरी थाना क्षेत्र में न्याय के लिए भटक रही एक युवती द्वारा जहरीला पदार्थ खाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता का आरोप है कि सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की, जिससे मानसिक रूप से टूटकर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की।
Guna मां से मिलवाने के बहाने ले जाकर किया सामूहिक दुष्कर्म
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, घटना 25 अप्रैल की है। ग्राम सोनखरा निवासी युवती को गांव का ही एक युवक उसकी मां से मिलवाने का झांसा देकर बाइक पर बैठाकर ले गया था। आरोप है कि वह युवक उसे जंगल की ओर ले गया, जहाँ तीन लोगों ने उसके साथ दरिंदगी की। वारदात के बाद आरोपी उसे लहूलुहान और गंभीर अवस्था में शिवपुरी अस्पताल के पास छोड़कर फरार हो गए।
Guna पुलिस की ‘बेरुखी’ ने पीड़िता को किया मजबूर
पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना की जानकारी मिलते ही वे बमोरी थाने पहुँचे थे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने मामले की गंभीरता को समझने के बजाय शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल करते रहे। पुलिस की इसी उदासीनता और समाज में लोकलाज के डर से आहत होकर युवती ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
Guna मामला गरमाया तो सक्रिय हुई पुलिस
युवती द्वारा जहर खाने की खबर फैलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उसे गुना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला तूल पकड़ता देख बमोरी थाना प्रभारी दिलीप राजोरिया ने अस्पताल पहुँचकर पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं।
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