Report: Prem Srivastava
Jamshedpur मानगो स्थित गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में खालसा प्रगट दिहाड़े (बैसाखी) का पावन पर्व सेवा, सिमरन और समर्पण के साथ मनाया गया। खालसा पंथ के 327वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस धार्मिक समागम में जहाँ एक ओर गुरबाणी के कीर्तन से संगत निहाल हुई, वहीं दूसरी ओर रक्तदान शिविर के माध्यम से समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश की गई।
Jamshedpur रक्तदान महादान: मानवता की सेवा में जुटे श्रद्धालु
खालसा स्थापना दिवस के पावन अवसर पर 14 अप्रैल को गुरुद्वारा परिसर में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में युवाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप 100 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों की सहायता करना और समाज में ‘सेवा’ के सिख सिद्धांतों को मजबूत करना है।

Jamshedpur गुरमत समागम और कीर्तन से महका वातावरण
धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में 14 और 15 अप्रैल को विशेष दीवान सजाए गए। जम्मू से आए प्रसिद्ध रागी भाई गुरविंदर सिंह ने अपनी मधुर वाणी में गुरबाणी कीर्तन और सिख इतिहास की व्याख्या कर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने गुरुओं की शिक्षाओं और खालसा पंथ के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
Jamshedpur सेवा और सिमरन का अद्भुत संगम
गुरुद्वारा सिंह सभा, मानगो के महासचिव सरदार जसवंत सिंह जस्सू और सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने समूह संगत को बधाई देते हुए इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु का अटूट लंगर और रक्तदान जैसे कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे और हजारों की संख्या में लोगों ने गुरु का लंगर छका। अंत में प्रबंधक कमेटी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी सेवादारों और संगत का आभार प्रकट किया।





