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Bhojpur: निजी स्कूलों की मनमानी पर डीएम सख्त; फीस वृद्धि की सीमा तय, किसी खास दुकान से सामान खरीदने की मजबूरी खत्म

Bhojpur

Report: Neha gupta

Bhojpur भोजपुर के जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें अभिभावकों की ओर से मिल रही शिकायतों का संज्ञान लिया गया। समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के नाम पर व्यावसायिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्कूलों को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने और सरकारी नियमों का कड़ाई से पालन करने का अल्टीमेटम दिया है।

Bhojpur फीस वृद्धि के लिए 7% की लक्ष्मण रेखा और अनिवार्य सार्वजनिक घोषणा

जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों द्वारा की जाने वाली अनियंत्रित फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी विद्यालय अपनी आवश्यकतानुसार सालाना अधिकतम 7 प्रतिशत तक ही शुल्क बढ़ा सकता है। यदि कोई स्कूल इससे अधिक वृद्धि करना चाहता है, तो उसे प्रमंडल स्तरीय शुल्क विनियमन समिति से विधिवत अनुमति लेनी होगी। साथ ही, हर स्कूल को अपने सूचना पट्ट (Notice Board) और वेबसाइट पर पिछले वर्ष और वर्तमान वर्ष की फीस का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य होगा।

Bhojpur ड्रेस और किताबों के लिए सिंडिकेट पर रोक, अभिभावकों को मिली पसंद की आजादी

बैठक में ड्रेस और पाठ्यपुस्तकों की खरीद को लेकर व्याप्त शिकायतों पर भी गंभीर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्कूल प्रबंधन किसी भी अभिभावक को किसी विशेष दुकान या प्रतिष्ठान से सामग्री खरीदने के लिए विवश नहीं करेगा। स्कूलों को अपनी ड्रेस और किताबों की सूची उनकी विशिष्टताओं (Specifications) के साथ सार्वजनिक करनी होगी, ताकि अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार खुले बाजार से कहीं से भी खरीदारी कर सकें।

Bhojpur बिना मान्यता वाले स्कूलों पर कार्रवाई और पारदर्शिता के कड़े नियम

जिला पदाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले में कोई भी विद्यालय बिना आधिकारिक स्वीकृति के संचालित नहीं होगा। उन्होंने बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक, 2019 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करना स्कूलों की जिम्मेदारी है। किसी भी स्कूल के खिलाफ शिकायत मिलने पर उसकी गहन जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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