assam-election : देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को भाजपा ने असम के लिए अपना संकल्प पत्र जारी किया, जिसमें कानून-व्यवस्था, रोजगार और सामाजिक योजनाओं पर खास फोकस किया गया है।
assam-election : भाजपा के प्रमुख वादे
पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में ‘ लैंड और लव जिहाद’ के खिलाफ सख्त कदम उठाने, अवैध कब्जों को हटाने और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का वादा किया है। इसके अलावा अगले पांच वर्षों में 2 लाख नौकरियां देने और राज्य के विकास के लिए बड़े निवेश की योजना भी शामिल है।
महिलाओं के लिए ‘अरुणोदोई योजना’ की राशि बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह करने और ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।

assam-election : कांग्रेस और अन्य दलों के वादे
कांग्रेस ने भी असम के लिए अपनी गारंटियां पेश की हैं। इसमें महिलाओं को आर्थिक मदद, बुजुर्गों के लिए पेंशन, हर परिवार को स्वास्थ्य बीमा और जमीन से जुड़े अधिकार देने जैसे वादे शामिल हैं।

assam-election : दक्षिण भारत में सियासी घमासान
तमिलनाडु और केरल में भी चुनावी बयानबाजी तेज हो गई है। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है। वहीं, राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
केरल में कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देना चाहती है।

assam-election : नेताओं के बयान और आरोप
असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर संपत्ति छिपाने के आरोप लगाए हैं, वहीं विपक्ष ने सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, कई नेता अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार में जुटे हुए हैं और जनता से समर्थन मांग रहे हैं।
assam-election : चुनावी माहौल
देश के इन राज्यों में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। रैलियां, रोड शो और घोषणाएं लगातार जारी हैं। सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने-अपने वादे और योजनाएं सामने रख रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है, क्योंकि हर दल जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।





