Madhya Pradesh मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगाँव स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले भव्य ‘लाड़ली बहना सम्मेलन’ में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के बैंक खातों में योजना की 34वीं किश्त के रूप में 1,836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित करेंगे। महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा बढ़ाई गई मासिक सहायता के तहत अब बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये मिल रहे हैं।

Madhya Pradesh आर्थिक आजादी का नया अध्याय: अब तक 54,140 करोड़ का वितरण
जून 2023 से शुरू हुई ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुकी है। फरवरी 2026 तक सरकार द्वारा कुल 33 किश्तें सफलतापूर्वक जारी की जा चुकी हैं।

- बढ़ी हुई राशि: नवंबर माह से सहायता राशि में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे हितग्राहियों को अब ₹1,250 के स्थान पर ₹1,500 की राशि प्राप्त हो रही है।
- कुल अंतरण: अब तक बहनों के खातों में कुल 54,140 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी गई है।
- आत्मनिर्भरता का लक्ष्य: सरकार अब बहनों को केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप तैयार कर रही है।
Madhya Pradesh ग्वालियर को 122 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
Madhya Pradesh सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर जिले के विकास के लिए लगभग 122 करोड़ रुपये की लागत वाले 54 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे।

- लोकार्पण (19 कार्य – ₹62 करोड़): इसमें कुलैथ स्थित सांदिपनि शासकीय विद्यालय का भव्य भवन (₹40 करोड़) और सांक नदी पर नवनिर्मित उच्च स्तरीय पुल (₹9.11 करोड़) प्रमुख हैं।
- भूमि-पूजन (35 कार्य – ₹60 करोड़): अंबेडकर धाम में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय (₹12.16 करोड़) और श्रमिकों के लिए आईएसबीटी के पास 100 सीटर विश्रामगृह (₹6.17 करोड़) का शिलान्यास किया जाएगा।
Madhya Pradesh बुनियादी ढांचे और शिक्षा पर जोर
लोकार्पण व भूमि-पूजन की सूची में उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी, ग्वालियर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की नई सड़कें, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में नया हॉल और भितरवार में बनने वाला आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी शामिल है। ये परियोजनाएं ग्वालियर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगी।





