BY
Yoganand Shrivastava
Delhi ईरान पर हुए हालिया हमलों के बाद पश्चिम एशिया (मिडिल-ईस्ट) में उपजे गंभीर तनाव के बीच भारत ने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है। नई दिल्ली ने इस सैन्य टकराव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी संबंधित पक्षों से तत्काल युद्ध रोकने और संयम बरतने की अपील की है। भारत ने जोर देकर कहा है कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और बातचीत के जरिए ही शांति स्थापित की जा सकती है।
कूटनीतिक पहल: दोनों देशों के संपर्क में विदेश मंत्री
Delhi बिगड़ते हालातों को देखते हुए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कूटनीतिक कमान संभाल ली है। उन्होंने इजरायल और ईरान, दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा की:
- इजरायल से संवाद: इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार (Gideon Sa’ar) से बात करते हुए डॉ. जयशंकर ने तनाव कम करने के लिए कूटनीति और संवाद के मार्ग पर लौटने का आह्वान किया।
- ईरान से चर्चा: ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बातचीत में उन्होंने क्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों पर भारत की गंभीर चिंता साझा की और शांति बहाली पर जोर दिया।
भारत का रुख: संप्रभुता का सम्मान और शांति की अपील
Delhi भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह ईरान और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने दो मुख्य बिंदु रखे हैं:
- संप्रभुता का सम्मान: सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और उनकी संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
- नागरिक सुरक्षा: युद्ध की स्थिति में आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। भारत ने दोहराया कि कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से ही इस जटिल मुद्दे का हल निकाला जाना चाहिए ताकि वैश्विक अस्थिरता को रोका जा सके।
Delhi एडवाइजरी जारी: भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
Delhi तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ईरान और इजरायल में मौजूद भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं।
- सतर्कता की सलाह: ईरान में रह रहे भारतीयों को अनावश्यक आवाजाही से बचने और घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है।
- दूतावास के संपर्क में रहें: नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करें और दूतावास द्वारा जारी अपडेट्स पर नजर रखें। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी पहली प्राथमिकता है और मिशन लगातार उनके संपर्क में हैं।





