Report by: Sanjeev Kumar
Bokaro : बोकारो पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। पूर्व पार्षद रमाशंकर सिंह को थाने में बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह बिना सहारे के चल भी नहीं पा रहे थे। घटना 23 फरवरी को चास थाना क्षेत्र के वार्ड 32 के मतदान केंद्र में हुई थी। मतदान के दौरान पार्षद प्रत्याशी रेखा देवी के पति रमाशंकर सिंह ने वोटिंग में हो रही गड़बड़ी का विरोध किया था। इसी दौरान पुलिस से उनकी नोकझोंक हुई थी।
Bokaro : हिरासत में पिटाई और गंभीर हालत
एसडीपीओ चास प्रवीण कुमार सिंह के घायल होने के बाद पुलिस ने रमाशंकर सिंह को हिरासत में लिया और बर्बर तरीके से पीटा। आज जब उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, तो वह खुद चलने में भी असमर्थ नजर आए।

Bokaro : कांग्रेस विधायक ने उठाया मामला
बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि एक जनसेवक के साथ इस तरह की बर्बरता निंदनीय है और इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दिन पहले अपराधियों को पुलिस ने जनता के बीच पेश किया, लेकिन जनसेवक के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया गया, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
Bokaro : थाने में समर्थक को भी पीटा गया
घटना के दिन थाने में मिलने गए सरदार कॉलोनी निवासी सोनू कुमार को भी पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। उनके शरीर पर कई जगह जख्म के निशान हैं। सोनू ने बताया कि जब वह पार्षद से मिलने गए थे, तो पुलिस ने उन्हें भी बेरहमी से पीटा।
Bokaro : परिवार और उम्मीदवार की प्रतिक्रिया
पार्षद की उम्मीदवार रेखा देवी ने कहा कि जब उन्हें न्यायालय में देखा, तो लगा कि उनके साथ बहुत गलत हुआ है। वह खुद से चल भी नहीं पा रहे थे और सहारा देकर जेल भेजा जा रहा था। उनका कहना है कि विरोध केवल मतदान में गलत तरीके से हो रहे काम के खिलाफ था, लेकिन पुलिस की एकतरफा कार्रवाई में उनके पति और समर्थकों को भी निशाना बनाया गया।
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