Isa Ahmad
Jharkhand Legislative Assembly में बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य की राजनीति और विकास एजेंडे को नई दिशा मिल गई है। वित्त मंत्री द्वारा वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने के बाद सत्ता पक्ष ने इसे जनकल्याणकारी और विकासोन्मुख बताया, जबकि विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।
सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार देने और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित है। बजट सत्र के दौरान सदन में विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा और बहस जारी है।

Jharkhand Budget Session: कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता
बजट में किसानों के लिए सिंचाई योजनाओं के विस्तार, फसल सहायता और ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने दावा किया है कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को तेज गति से लागू किया जाएगा।
Jharkhand Budget Session: शिक्षा क्षेत्र में नए स्कूल भवन, छात्रावास और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के उन्नयन की घोषणा की गई है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला अस्पतालों में आधुनिक उपकरण और चिकित्सकों की नियुक्ति पर जोर दिया गया है।
Jharkhand Budget Session: रोजगार, उद्योग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर फोकस
बजट में युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, स्टार्टअप प्रोत्साहन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना शामिल है। सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने की बात कही है।
Jharkhand Budget Session: साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। पेंशन योजनाओं और आवास योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन की घोषणा की गई है।
बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा है। आने वाले दिनों में सदन में इन मुद्दों पर तीखी बहस की संभावना है।
सरकार का कहना है कि यह बजट “समावेशी विकास” की दिशा में मजबूत कदम है, वहीं विपक्ष इसे अधूरा और आंकड़ों का खेल बता रहा है। अब नजर इस बात पर है कि बजट प्रावधानों का धरातल पर कितना प्रभाव दिखाई देता है।





