Report: Farhan khan
Absconding Criminal Arrested: “कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं”— इस कहावत को आगरा की थाना नाई की मंडी पुलिस ने हकीकत में बदल कर दिखाया है। पुलिस ने पिछले ढाई दशक (25 वर्ष) से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे और 50 हजार रुपये के इनामी भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि पुलिस को इस शातिर मुजरिम तक पहुंचाने का जरिया कोई बड़ा सुराग नहीं, बल्कि दिल्ली में कटा एक मामूली ‘ट्रैफिक चालान’ बना।
Absconding Criminal Arrested: 25 साल पहले लूट और अपहरण की वारदात के बाद से था वांटेड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी सैमुअल उर्फ सहदेव यादव उर्फ अमित मिश्रा वर्ष 2002 में आगरा में हुई एक सनसनीखेज लूटपाट और एक युवती को भगाने (अपहरण) के संगीन मामले में मुख्य आरोपी था। वारदात के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था। आगरा पुलिस वर्षों से उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर निकल जाता था। लगातार फरार रहने के कारण उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

Absconding Criminal Arrested: पहचान और धर्म बदलकर दिल्ली के स्कूल में बना ‘शूटिंग टीचर’
पुलिस की पूछताछ और तफ्तीश में सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। वह पिछले 25 सालों से अलग-अलग राज्यों में अपनी पहचान, नाम और यहाँ तक कि धर्म बदलकर रह रहा था। हाल के दिनों में उसने दिल्ली के प्रेमनगर (नांगलोई) इलाके में अपना नया ठिकाना बनाया था। अपनी पुरानी पहचान को पूरी तरह दफन कर वह वहां के एक निजी स्कूल में बच्चों को ‘शूटिंग रेंज टीचर’ (निशानेबाजी के शिक्षक) के रूप में ट्रेनिंग दे रहा था।
Absconding Criminal Arrested: कैसे एक चालान ने बिगाड़ दिया अपराधी का पूरा खेल?
शातिर अपराधी का यह तिलस्म तब टूटा जब दिल्ली में उसकी कार का एक ट्रैफिक चालान कटा। इस चालान की सूचना और उससे जुड़े वाहन के दस्तावेजों का डेटा जब आगरा पुलिस के हाथ लगा, तो तकनीकी जांच विंग (Technical Surveillance) सक्रिय हो गई। पुलिस ने जब उन संदिग्ध दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों का वैज्ञानिक अनुसंधान व तकनीकी विश्लेषण किया, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं और अंततः कड़कड़ाती कड़ियों के बीच आरोपी का असली चेहरा बेनकाब हो गया।
Absconding Criminal Arrested: प्रेम विवाह के लिए की थी लूट, अब पुलिस खंगाल रही है फरारी का इतिहास
थाना नाई की मंडी पुलिस ने खुफिया जानकारी और पुख्ता लोकेशन मिलने के बाद दिल्ली में घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कुबूल किया है कि उसने वर्ष 2002 में प्रेम विवाह करने के लिए पैसों का इंतजाम करने के उद्देश्य से लूट की इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। आगरा पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि इन 25 सालों के दौरान आरोपी किन-किन राज्यों में छिपा रहा, उसने किन फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया और इस लंबी फरारी में उसके मददगार कौन-कौन लोग थे।





