BY
Yoganand Shrivastava
Corporate Job vs Entrepreneurship: देश के मिडिल क्लास युवाओं के लिए इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक बेहद हैरान करने वाली और मोटिवेशनल सक्सेस स्टोरी तेजी से वायरल हो रही है। यह कहानी एक ऐसे शख्स की है जिसने एक नामी कॉलेज से एमबीए (MBA) करने के बाद लाखों रुपये की शानदार कॉर्पोरेट नौकरी को लात मार दी और सड़कों पर ओला (Ola) टैक्सी चलाने का फैसला किया। शुरुआत में जिस कदम को सबने ‘बेवकूफी’ और ‘करियर की बर्बादी’ बताया था, आज 3 साल बाद उसी फैसले ने उस युवा को एक सफल बिजनेसमैन बना दिया है।
Corporate Job vs Entrepreneurship: ‘एक्स’ (X) यूजर ने शेयर की अपने भाई की अनोखी कामयाबी
इस प्रेरणादायक कहानी को शशि सचान (@Sachan8574) नाम के एक एक्स यूजर ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। शशि ने बताया कि उनके भाई ने एक टियर-2 कॉलेज से अपनी एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी। इसके तुरंत बाद उसे कॉर्पोरेट सेक्टर में 25 लाख रुपये सालाना (LPA) के पैकेज वाली एक बेहतरीन नौकरी का ऑफर मिला। हर मिडिल क्लास नौजवान के लिए यह एक सपने जैसा पैकेज था, लेकिन उनका भाई 9 से 5 की इस नौकरी और कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल से अंदर से कभी संतुष्ट नहीं था।

Corporate Job vs Entrepreneurship: ‘पढ़ाई बर्बाद कर दी’— रिश्तेदारों और समाज ने मारे थे तीखे ताने
शशि ने अपने पोस्ट में दर्द साझा करते हुए लिखा कि जब उनके भाई ने लाखों की नौकरी ठुकराकर ओला टैक्सी चलाने का फैसला किया, तो उम्मीद के मुताबिक समाज और रिश्तेदारों का रवैया बेहद नकारात्मक था। लीक से हटकर लिए गए इस फैसले पर चारों तरफ से तानों की बौछार होने लगी। लोग कहने लगे, “इतनी महंगी पढ़ाई-लिखाई सब मिट्टी में मिला दी।” वहीं रिश्तेदारों ने ताना मारते हुए कहा, “सोचा था पढ़-लिखकर बड़ा अफसर बनेगा और देखो आज क्या से क्या बन गया, गाड़ी चला रहा है।”
Corporate Job vs Entrepreneurship: 3 साल बाद पलटी बाजी: अब 5 कारों के मालिक, महीने की कमाई ₹1.5 लाख
दुनिया की परवाह किए बिना और तानों को दरकिनार करते हुए उस शख्स ने ओला ड्राइवर के रूप में जमीन पर रहकर अपनी मेहनत जारी रखी। इस दौरान उसने अपने एमबीए के बिजनेस ज्ञान (Business Acumen) का इस्तेमाल किया और धीरे-धीरे अपने काम को आगे बढ़ाया। आज ठीक 3 साल बाद पासा पूरी तरह पलट चुका है। अब वह खुद गाड़ी नहीं चलाता, बल्कि ओला प्लेटफॉर्म पर उसकी 5 कारें चल रही हैं। इस फ्लीट मैनेजमेंट के जरिए वह हर महीने लगभग 1.5 लाख रुपये की शुद्ध कमाई कर रहा है।

Corporate Job vs Entrepreneurship: सफलता पर लोग उठा रहे सवाल: ‘यह कहानी बनाई हुई है’
शशि सचान ने अपनी पोस्ट के अंत में एक बहुत गहरी बात लिखी है कि कभी-कभी जीवन में जो रास्ता आपको शुरुआत में एक ‘डाउनग्रेड’ (पीछे हटना) लगता है, असल में वही लॉन्ग टर्म में आपका असली ‘अपग्रेड’ (सफलता का मार्ग) साबित होता है। हालांकि, यह कहानी इतनी फिल्मी और अद्भुत है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई यूजर्स इस पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह सफलता की कहानी केवल सोशल मीडिया पर रीच और लाइक्स बटोरने के लिए मनगढ़ंत या बनाई हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग इसे रिस्क लेने वाले युवाओं के लिए एक बड़ा सबक मान रहे हैं।





