Trump: अमेरिका जाने वाले अधिकांश भारतीय उत्पादों पर अब 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ ही लागू होगा। ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत नया शुल्क ढांचा लागू किया है, जिसके बाद भारत को 12.5 प्रतिशत की उच्च श्रेणी से निकालकर 10 प्रतिशत वाले स्लैब में रखा गया है। इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलने की उम्मीद है और अमेरिका के साथ व्यापार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत हो सकती है।
Trump: ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत लिया गया फैसला
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत दुनिया की 60 अर्थव्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस जांच का उद्देश्य यह परखना था कि कौन-से देश अपने यहां जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए प्रभावी कानून और नीतियां लागू कर रहे हैं।
समीक्षा के बाद अमेरिका ने विभिन्न देशों के लिए 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का स्थायी अतिरिक्त टैरिफ लागू करने का निर्णय लिया।
Trump: 60 देशों पर लागू हुआ नया अतिरिक्त शुल्क
नई व्यवस्था के तहत जिन देशों ने अमेरिकी मानकों के अनुरूप पर्याप्त कदम नहीं उठाए, उन्हें 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ श्रेणी में रखा गया। चीन सहित कुल 36 देशों को इस उच्च शुल्क वर्ग में शामिल किया गया है। वियतनाम भी उन देशों में शामिल है, जिन पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है।
यह अतिरिक्त टैरिफ पहले से लागू ‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ (MFN) ड्यूटी के अलावा वसूला जाएगा। यानी संबंधित देशों के निर्यातकों को सामान्य आयात शुल्क के अतिरिक्त यह नया शुल्क भी देना होगा।
Trump: भारत पर भी था 12.5 प्रतिशत टैरिफ का खतरा
शुरुआती आकलन में भारत भी उन देशों की सूची में शामिल था, जिन पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगने की संभावना जताई गई थी। जून 2026 में सामने आए मसौदा रिपोर्ट में भारत को भी उच्च शुल्क वाले वर्ग में रखने का प्रस्ताव था।
यदि ऐसा होता तो अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त लागत बढ़ सकती थी और कई क्षेत्रों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होती।
Trump: भारत सरकार के कदम से बदली स्थिति
संभावित नुकसान को देखते हुए भारत सरकार ने जून 2026 में अपनी विदेश व्यापार नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए। सरकार ने जबरन श्रम से तैयार उत्पादों के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया और इस संबंध में नियमों को और सख्त बनाया।
भारत के इन नीतिगत सुधारों को अमेरिकी प्रशासन ने सकारात्मक माना। इसके बाद अंतिम टैरिफ सूची में भारत को 12.5 प्रतिशत की बजाय 10 प्रतिशत वाले शुल्क वर्ग में शामिल कर लिया गया।
Trump: किन देशों के बराबर पहुंचा भारत
भारत के अलावा 16 अन्य अर्थव्यवस्थाओं को भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ वाले समूह में रखा गया है। इनमें पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देश भी शामिल हैं।
बांग्लादेश अमेरिका को टेक्सटाइल और गारमेंट्स के बड़े निर्यातकों में शामिल है और इस क्षेत्र में भारत का प्रमुख प्रतिस्पर्धी माना जाता है। ऐसे में समान टैरिफ दर लागू होने से भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा में संतुलित अवसर मिल सकता है।
Trump: भारतीय निर्यातकों पर क्या होगा असर
अमेरिका की ओर से पहले लागू किया गया 10 प्रतिशत अस्थायी वैश्विक शुल्क 24 जुलाई 2026 को समाप्त हो चुका है। अब उसकी जगह 10 प्रतिशत का स्थायी अतिरिक्त टैरिफ लागू किया गया है।
इस वजह से भारतीय निर्यातकों पर तत्काल कोई नया अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं बढ़ेगा, क्योंकि पहले भी वे लगभग इसी स्तर के शुल्क का सामना कर रहे थे। हालांकि यह व्यवस्था अब स्थायी स्वरूप में लागू होगी।
Trump: किन क्षेत्रों पर पड़ेगा सबसे अधिक प्रभाव
भारत से अमेरिका होने वाले कुल निर्यात का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इस अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क के दायरे में आएगा। इनमें प्रमुख रूप से इंजीनियरिंग उत्पाद, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, रसायन (केमिकल्स), चमड़े के उत्पाद, रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल क्षेत्र मजबूत सप्लाई चेन के कारण प्रतिस्पर्धा बनाए रख सकते हैं, लेकिन रत्न एवं आभूषण जैसे उच्च मार्जिन वाले उद्योगों के लिए यह अतिरिक्त शुल्क अब भी चुनौती बना रहेगा।
Trump: मजबूत सप्लाई चेन से भारत को मिल सकता है फायदा
भारत अब उन देशों के बराबर टैरिफ श्रेणी में आ गया है, जो अमेरिकी बाजार में उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी हैं। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बेहतर उत्पादन क्षमता, मजबूत सप्लाई चेन, विविध निर्यात आधार और बड़े विनिर्माण नेटवर्क के कारण भारतीय कंपनियां इस प्रतिस्पर्धा में बेहतर स्थिति हासिल कर सकती हैं।
यदि आने वाले समय में भारत अपनी निर्यात नीतियों और उत्पादन क्षमता को और मजबूत करता है, तो अमेरिकी बाजार में उसकी हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना भी बनी रहेगी।
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